लंदन. ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत मंगलवार को स्कॉटलैंड के एडिनबरा से लंदन ले जाया जाएगा. इस दौरान महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए रास्ते में हजारों लोगों की भीड़ एकत्र है. सोमवार को महारानी के चारों बच्चों-महाराज चार्ल्स तृतीय, राजकुमारी एनी, ंिप्रस एंड्रयू और ंिप्रस एडवर्ड की मौजूदगी में उनका ताबूत एडिनबरा के सेंट गाइल्स चर्च ले जाया गया था. इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए चर्च के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे.
लंदन में महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार से ही वेस्टंिमस्टर एबे के बाहर लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गईं. श्रीलंकाई मूल की 56 वर्षीय वैनेसा नाथकुमारन कतार में लगने वाली पहली व्यक्ति थीं. वेस्टंिमस्टर एबे में लोग बुधवार से महारानी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे.
नाथकुमारन का परिवार शाही परिवार का बड़ा प्रशंसक है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से इसका हिस्सा बनना चाहती थी.’’ मंगलवार शाम रॉयल एयरफोर्स (आरएएफ) के एक विमान के जरिये महारानी का ताबूत एडिनबरा से लंदन ले जाया जाएगा. विमान में राजकुमारी एनी भी सवार होंगी. महाराज चार्ल्स तृतीय और उनकी पत्नी क्वीन कंसोर्ट कैमिला परंपरा के अनुसार उत्तरी आयरलैंड की शोक यात्रा से लौटने के बाद लंदन में महारानी के ताबूत की अगवानी करेंगे.
महारानी का ताबूत रात भर बंिकघम पैलेस के ‘बो रूम’ में रखा जाएगा, जहां शाही परिवार के सदस्य उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. बुधवार को एक शव यात्रा निकाली जाएगी, जिसके तहत महारानी के ताबूत को बंिकघम पैलेस से वेस्टंिमस्टर एबे (संसद परिसर) ले जाया जाएगा.
शव यात्रा क्वीन्स गार्डन, द मॉल, हॉर्स गार्ड्स एंड हॉर्स गार्ड्स आर्क, व्हाइटहॉल, पार्लियामेंट स्ट्रीट, पार्लियामेंट स्क्वायर और न्यू पैलेस यार्ड से होते हुए ब्रिटेन की राजधानी के कुछ सबसे प्रतिष्ठित स्थलों से गुजरेगी. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 19 सितंबर को वेस्टंिमस्टर एबे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.