राहुल गांधी ने केरल को बताया दूसरा घर, राज्य में स्वास्थ्य देखभाल सुविधा की सराहना की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 29 Nov 2023 10:10 PM
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मलप्पुरम/कोझिकोड. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को केरल में स्वास्थ्य देखभाल और प्रशामक सुविधा को देश में सर्वश्रेष्ठ में से एक बताया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा के मामले में वह केरल में सामुदायिक भागीदारी के स्तर से खुश हैं.
यहां तिरुवली में ‘पेन एंड पैलिएटिव केयर सोसाइटी’ भवन की आधारशिला रखने के दौरान कांग्रेस सांसद ने केरल की स्वास्थ्य देखभाल सुविधा की सराहना की. गांधी ने कहा कि केरल पूरे देश में प्रशामक सुविधा के मामले में अग्रणी है. उन्होंने कहा, ”जहां तक स्वास्थ्य देखभाल और प्रशामक देखभाल का सवाल है, यह रास्ता दिखाता है.”

प्रशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) उन रोगियों और उनके परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है जो गंभीर बीमारी से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, चाहे वह शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक या आध्यात्मिक हो. देखभाल करने वालों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है.

गांधी ने आशा व्यक्त की कि देखभाल केंद्र ”राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एक छोटा कदम होगा.” उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं, लेकिन एक सांसद के रूप में उन्हें मिलने वाली धनराशि सीमित है और उसे सावधानीपूर्वक वितरित करना होता है. इससे पहले, मुस्लिम लीग के दिवंगत नेता पी सीथी हाजी पर एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर गांधी ने कहा कि केरल और उनका निर्वाचन क्षेत्र वायनाड उनके लिए घर की तरह है.

‘पेन एंड पैलिएटिव केयर सोसाइटी’ भवन की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह केरल और वायनाड को ”एक बड़े विस्तारित परिवार” के रूप में देखते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी अगली योजना अपनी मां- सोनिया गांधी- को राज्य में लाने की है.

उन्होंने केरल में ”एकजुटता की भावना” के साथ-साथ इसके इतिहास, संस्कृति और विभिन्न धर्मों, समुदायों और विचारों के प्रति सम्मान की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ”इसलिए, जब मैं यहां आता हूं तो हमेशा कुछ नया सीखता हूं.” गांधी ने कई सामाजिक कल्याण और विकास परियोजनाएं भी शुरू कीं और जिले के नीलांबुर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित सड़कों का उद्घाटन किया. उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सभी से हाथ मिलाने का भी आग्रह किया.

नेताओं की परख उनके साधारण कपड़ों से नहीं, उनकी संतानों को देखकर होती है: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कुछ नेताओं का मूल्यांकन उनके साधारण पहनावे या कम कीमत वाली घड़ियों के आधार पर नहीं किया जा सकता क्योंकि वे आम जनता से अपनी असली संपत्ति छिपाने में ‘बहुत चतुर’ होते हैं. वह यहां इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के दिवंगत नेता पी सीथी हाजी पर लिखी गई एक किताब के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के असली स्वभाव को उनके बच्चों को देखकर पहचाना जा सकता है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ”मैं कई नेताओं से मिलता हूं और जैसा कि आप जानते हैं, वे बहुत चतुर लोग हैं. आज के नेता आपको केवल वही दिखाएंगे जो वे आपको दिखाना चाहते हैं.” राहुल गांधी ने कहा, ”कभी-कभी जब वे मुझसे मिलने आते हैं, तो साधारण कपड़े, कम कीमत वाली घड़ियां और फटे जूते पहनकर आते हैं. जब आप उनके घर जाते हैं तो वहां उनके पास बड़ी बीएमडब्ल्यू होती हैं. ये लोग बहुत चतुर होते हैं. वे जानते हैं कि आप क्या देख रहे हैं.”

उनके मुताबिक, नेता कपड़ों और पहनावे की अन्य चीजों के ज.रिये अपनी असलियत को छिपा सकते हैं, लेकिन ”जब बात उनके बच्चों की आती है तो सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता.” उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्हें इन व्यक्तियों का त्वरित और सटीक मूल्यांकन करने के लिए एक नए तरीके का सहारा लेना पड़ा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में लगभग 18 साल बिताने और विभिन्न नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद लोगों के मूल्यांकन या परख का यह ”बुलेटप्रूफ” तरीका इजाद किया है.

गांधी ने कहा, ”मुझे यह बुलेटप्रूफ रास्ता ढूंढने में 18 साल लग गए, जहां किसी व्यक्ति के लिए अपने बारे में सच्चाई छिपाना असंभव होगा. मैं उनसे अपने बच्चों को मेरे पास भेजने के लिए कहता हूं. बच्चों के साथ, सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती.” हाजी आईयूएमएल के नेता और केरल की नौवीं विधानसभा में सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक थे.

राहुल गांधी के अनुसार, वह हाजी के बारे में ज्यादा नहीं जानते क्योंकि वह उनसे कभी नहीं मिले, लेकिन उनके पुत्र पी.के. बशीर – को देखकर वह अंदाजा लगा सकते हैं कि दिवंगत आईयूएमएल नेता किस तरह के व्यक्ति थे. उन्होंने कहा, ”मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि वह (बशीर) अपने पिता की छाप हैं. मैं उन्हें देखकर उनके पिता के बारे में जान सकता हूं. कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता.”

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