चुनाव चिन्ह व पार्टी को लेकर लड़ाई के लिए तैयार : शिवसेना नेता संजय राउत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 19 Jul 2022 09:01 PM
चुनाव चिन्ह व पार्टी को लेकर लड़ाई के लिए तैयार : शिवसेना नेता संजय राउत

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नयी दिल्ली/औरंगाबाद. शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि पार्टी अपने चुनाव चिह्न और संगठन पर नियंत्रण की खातिर लड़ाई के लिए तैयार है. शिवसेना को हाल ही में बड़े पैमाने पर विद्रोह का सामना करना पड़ा है. राउत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महाराष्ट्र को तीन हिस्सों में बांटने की कोशिश कर रही है और शिवसेना में विभाजन कराना भाजपा की साजिश का हिस्सा है.

उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि शिंदे ने शिवसेना संसदीय दल को ऐसे समय पर तोड़ने की कोशिश की, जब राज्य कुछ हिस्सों में भारी बाढ़ से निपटने के लिए प्रयास कर रहा था. शिवसेना के राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, “हम किसी भी लड़ाई के लिए तैयार हैं, चाहे यह चुनाव चिन्ह के लिए हो या पार्टी संगठन के लिए. कुछ एक सांसद और विधायक हमें छोड़ सकते हैं. लेकिन अकेले विधायक और सांसद शिवसेना नहीं बना सकते हैं.” उन्होंने कहा कि शिवसैनिक विद्रोहियों के लिए भविष्य में कोई भी चुनाव जीतना मुश्किल बना देंगे. उन्होंने पार्टी से अलग हुए गुट को शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे द्वारा वर्षों तक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मदद दिए जाने का जिक्र किया.

राउत ने शिंदे पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली की यात्राएं करनी पड़ीं क्योंकि वह “भाजपा के मुख्यमंत्री” हैं. उन्होंने कहा, “मुझे याद नहीं है कि शिवसेना के मुख्यमंत्री मनोहर जोशी या नारायण राणे मंत्रिमंडल में विस्तार और अन्य मुद्दों के लिए कभी राष्ट्रीय राजधानी के चक्कर लगाते थे.”

शिवसेना सांसद ने शिंदे गुट पर निशाना साधा, कहा- लालच की सीमा होनी चाहिए

शिवसेना के सांसद संजय जाधव ने विश्वास जताया कि पार्टी मौजूदा संकट से निकल जाएगी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले बागी गुट पर निशाना साधते हुये कहा कि किसी के लालच की सीमा होनी चाहिए. परभणी के सांसद ने कहा कि यह शिवसेना ही थी, जिसने कई नेताओं के राजनीतिक करियर को संवारा है और उन्हें इसे कभी नहीं भूलना चाहिए.

एक वीडियो में जाधव ने कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं और ”कल्पना से परे” उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए पार्टी के प्रति ऋणी हैं. जाधव ने कहा, ”शिवसेना ने मुझे अब तक जो कुछ भी दिया है वह मेरी उम्मीदों से परे है. मैं उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़ा हूं. किसी को यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि शिवसेना इतनी आसानी से खत्म हो जाएगी.”

शिंदे और 40 विधायकों की बगावत के बीच शिवसेना को एक नये संकट का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार को पार्टी के 12 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उनसे संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता को बदलने का अनुरोध किया.
बता दें कि लोकसभा में शिवसेना के 19 सांसद हैं, जिनमें 18 महाराष्ट्र से हैं.

जाधव ने कहा, ”शिवसेना संकट से गुजर रही है, लेकिन यह समय बीत जाएगा. 1984 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सिर्फ दो सांसद थे, लेकिन वह आज शासन कर रहे हैं. इसलिए किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि बाल ठाकरे की शिवसेना इतनी आसानी से बिखर जाएगी.” शिंदे खेमे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लालच की भी एक सीमा होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘शिवसेना ने ही हमें बड़ा राजनेता बनाया और हमें बहुत कुछ सिखाया. ऐसा लगता है कि पार्टी कल तक कुछ लोगों के लिए अच्छी थी और अब खराब हो गई है. मुझे लगता है कि अगर एकनाथ शिंदे का उद्देश्य पूरा हो गया है तो यह मुद्दा अब खत्म हो जाना चाहिए.” जाधव ने कहा कि कुछ ”अवसरवादी” लोग शिंदे का साथ दे रहे हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य शिवसेना पर हमला करना है, लेकिन एक दिन आएगा जब वह शिंदे के खिलाफ किसी का इस्तेमाल करेंगे.” सांसद ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस फॉर्मूले पर अपनी बात नहीं रखी कि प्रधानमंत्री का पद भाजपा के पास और मुख्यमंत्री का पद शिवसेना के पास होना चाहिए.

By Yogesh Kumar Sahu