पंजाब विधानसभा में अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 30 Jun 2022 08:14 PM
पंजाब विधानसभा में अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित

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चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा ने केंद्र की अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना के खिलाफ बृहस्पतिवार को एक प्रस्ताव पारित किया. भारतीय जनता पार्टी के दो विधायकों अश्विनी शर्मा और जांगी लाल महाजन ने प्रस्ताव का विरोध किया. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में इस प्रस्ताव को पेश किया. प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए मान ने कहा कि वह जल्द ही अग्निपथ योजना के मुद्दे को प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे.

अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए मान ने कहा कि यह योजना देश के युवाओं के विरुद्ध है. विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि अग्निपथ योजना वापस ली जाए. अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया और योजना को वापस लिए जाने की मांग की. प्रस्ताव के अनुसार, सदन राज्य सरकार से यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की सिफारिश करता है ताकि अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लिया जा सके.

मान ने प्रस्ताव को पढ़ते हुए कहा, ‘‘भारत सरकार द्वारा अग्निपथ योजना पर एकतरफा घोषणा ने पंजाब सहित सभी राज्यों में व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी हैं.’’ उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा का मानना है कि ऐसी योजना जिसमें युवाओं को केवल चार साल के लिए नौकरी पर रखा जाएगा, वह न तो राष्ट्रीय सुरक्षा और न ही देश के युवाओं के हित में है.

मान ने कहा, ‘‘इस नीति से युवाओं के बीच असंतोष पैदा होने की आशंका है जो जीवनभर देश के सशस्त्र बलों में सेवा देना चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा कि यह गौर किया जाना चाहिए कि पंजाब के एक लाख से अधिक सैनिक देश के सशस्त्र बलों में हैं और उनमें से कई हर साल देश की सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब के युवक भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने को गर्व और सम्मान की बात मानते हैं और अपनी वीरता एवं साहस के लिए प्रसिद्ध हैं. इस योजना ने पंजाब के कई युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है जो नियमित सैनिक के तौर पर सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते हैं.’’ गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा चार साल के अनुबंध पर सेना, नौसेना और वायुसेना में साढ़े 17 साल और 21 साल के बीच के युवाओं की भर्ती वाली अग्निपथ योजना लाए जाने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे. बाद में उसने इस साल के लिए भर्ती के वास्ते अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी.

By Yogesh Kumar Sahu