अमरोहा/हिसार/चंडीगढ़. न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किसानों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि किसानों को धैर्य रखना चाहिए और मुद्दे का समाधान जरूर निकलेगा. चौधरी ने पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा पर पुलिस के साथ झड़प के दौरान एक युवा किसान की मौत पर अफसोस व्यक्त करते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की .
उन्होंने कहा, “किसान धैर्य रखें, समाधान जरूर निकलेगा. हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है.ह्व अमरोहा पहुंचे चौधरी ने 24 दिसंबर को सड़क हादसे में जान गंवाने वाले हाकमपुर ग्राम प्रधान विशाल, राजन और मनोज के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी.
हाल में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राजग में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में भागीदारी, लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर पर सीबीआई छापे से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने चुप्पी साध ली .
उन्होंने कहा, ”यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है.” उन्होंने कहा कि वह यहां पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल होने आए हैं, इसलिए राजनीति से जुड़े किसी भी सवाल पर चर्चा नहीं करेंगे. चौधरी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच लोकसभा सीटों को लेकर हुए समझौते पर अपनी शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, “किसानों की जायज मांगों का हर हाल में समाधान होना चाहिए. किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही संभव है. इस मुद्दे पर सरकार और किसानों के बीच बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए. समस्या का समाधान जल्द होगा.ह्व
पुलिस ने किसानों को खनौरी जाने से रोकने के लिए आंसूगैस के गोले दागे
पुलिस ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा की ओर बढ़ रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले दागे. प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार हिसार-नारनौंद रोड पर ये किसान खेरी चोपटा गांव से खनौरी सीमा जा रहे थे, उसी दौरान पुलिस ने उन पर आंसूगैस के गोले दागे. किसान पिछले कुछ दिनों से पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं. वे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के ‘दिल्ली चलो’ आह्वान पर वहां इकट्ठा हुए हैं.
खनौरी सीमा पर एक किसान की हृदयाघात से मौत
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के तहत पंजाब-हरियाणा की खनौरी सीमा पर डेरा डाले लोगों में से एक किसान की हृदयाघात से मौत हो गई. एक किसान नेता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि बठिंडा जिले के अमरगढ़ गांव निवासी दर्शन सिंह (62) की मौत हो गई है.
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) पंजाब और हरियाणा की शंभू व खनौरी सीमा पर विभिन्न मांगों को लेकर किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. पंधेर के मुताबिक आंदोलन में शामिल 72 वर्षीय एक अन्य किसान की पूर्व में खनौरी सीमा पर ही हृदयाघात से मौत हो गई थी जबकि शंभू सीमा पर भी 63 वर्षीय एक किसान की हृदयाघात से मौत हुई थी. खनौरी सीमा पर बुधवार को हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच हुई झड़प में बठिंडा के रहने वाले 21 वर्षीय शुभकरण की मौत हो गई थी. इस घटना में 12 पुलिस कर्मी भी घायल हुए थे.