रूस ने यूक्रेन पर रॉकेट दागे, ‘डर्टी बम’ के दावे को दोहराया

क्रेमलिन: पुतिन ने रूस के परमाणु बल के अभ्यास का निरीक्षण किया

कीव/वाशिंगटन. रूस ने गत एक दिन में यूक्रेन के 40 से अधिक गांवों को निशाना बनाया है. यूक्रेन के अधिकारियों ने बुधवार को यह दावा करते हुए कहा कि इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और हवाई हमले के भय से लोग रात बंकरों में बिता रहे हैं. यूक्रेन के सशस्त्र बल जनरल स्टाफ ने बताया कि रूसी बलों ने यूक्रेनी ठिकानों पर पांच रॉकेट हमले, 30 हवाई हमले और बहु प्रक्षेपण रॉकेट प्रणाली से 100 से अधिक हमले किए.

ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब यह आशंका प्रबल होती जा रही है कि मात मिलने की वजह से रूस उस उपकरण का इस्तेमाल कर सकता है जिससे रेडियोधर्मी कचरा फैलता है ताकि दहशत का महौल बना सके. रूस के रक्षा मंत्री ने भारत और चीन के अपने समकक्षों से बात कर कथित ‘डर्टी बम’ के इस्तेमाल की यूक्रेन की योजना को लेकर अपनी ंिचता साझा की. हालांकि, रूस के इस दावे को यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने खारिज किया है.

रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने यूक्रेन द्वारा ‘‘संभावित तौर पर डर्टी बम के इस्तेमाल सहित’’ उकसावे की कार्रवाई को लेकर अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ ंिसह और चीनी समकक्ष वेई फेंगी से बातचीत की. भारत और चीन के रक्षामंत्रियों से बात करने से पहले शोइगु ने रविवार को ब्रिटेन, फ्रांस, तुर्किये और अमेरिका के समकक्षों के साथ बातचीत कर यही दावा किया था. हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने शोइगु के दावे को खारिज करते हुए इसे ‘‘सफेद झूठ’’ करार दिया.

पश्चिम द्वारा रूसी दावे को खारिज किए जाने के बावजूद क्रेमिलन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने जोर देकर कहा, ‘‘हमारे पास सूचना है कि यूक्रेन में ऐसे हमलों की तैयारी चल रही है.’’ पेस्कोव ने कहा, ‘‘हम विश्व समुदाय को अपनी जानकारी और कीव में मौजूद सरकार के गैर जिम्मेदाराना कदम को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम से अवगत कराना जारी रखेंगे.’’ यूक्रेन के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि रूस ने नीपरो शहर के गैस स्टेशन को निशाना बनाया जिसमें एक गर्भवती महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई.

नीपरोपेत्रोवस्क के गवर्नर वैलेंटाइन रेज्निचेंको ने बताया कि हमले में चार लोग घायल हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.
दक्षिणी बंदरगाह शहर मिकोलाइव के नजदीक युद्ध चल रहा है और लोगों को खाने-पीने के सामान के लिए कतार में खड़ा देखा जा रहा है. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि शहर में मंगलवार को हुए रूसी हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और अब तक स्पष्ट नहीं है कि कोई हताहत हुआ है या नहीं. अधिकारियों ने कहा कि बुधवार की सुबह भी मिसाइलों से हमले जारी रहे.

क्रेमलिन: पुतिन ने रूस के परमाणु बल के अभ्यास का निरीक्षण किया

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने देश के सामरिक परमाणु बल के अभ्यास का बुधवार को निरीक्षण किया जिसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण आदि शामिल थे. क्रेमलिन ने इस आशय की जानकारी दी. यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में रूस के इस अभ्यास को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.

रूस के रक्षा मंत्री सेर्गेई शोईगु ने पुतिन को बताया कि रूस पर परमाणु हमला होने की स्थिति में उसके (रूस) द्वारा ‘‘बड़े पैमाने पर परमाणु हमला’’ करने का अभ्यास किया गया. गौरतलब है कि इस अभ्यास से पहले पुतिन ने रूसी सीमा पर हमलों के जवाब में ‘‘हर संभव कदम उठाने’’ के लिए तैयार होने की बात कही थी. इस बयान में पुतिन परोक्ष रूप से देश के परमाणु हथियारों के उपयोग की बात कर रहे थे.

बुधवार को हुए इस अभ्यास में उत्तरी प्लेसेत्स्क प्रक्षेपण स्थल से जमीन से मार करने वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल ‘यार्स’ का सफल परीक्षण हुआ. अभियान के तहत, टीयू-95 बमवर्षकों ने अभ्यास वाले निशाने पर क्रूज मिसाइलों को दागा गया. क्रेमलिन ने एक बयान में कहा कि अभ्यास के लिए तय सभी लक्ष्य प्राप्त कर लिए गए और दागी गई सभी मिसाइल निशाने पर लगी.
जमीन, समुद्र और हवा में युद्ध करने की क्षमता रखने वाले रूसी परमाणु बल द्वारा यह अभ्यास हर साल किया जाता है. इसका लक्ष्य देश के परमाणु बल का प्रशिक्षण और युद्ध के लिए उनकी तैयारी का प्रदर्शन करना है.

वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने मंगलवार को कहा था कि रूस अपनी परमाणु क्षमता का अभ्यास करने के संबंध में उसे पहले ही नोटिस दे चुका है. पेंटागन और अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि भविष्य में होने वाले परीक्षणों के संबंध में अमेरिका को सूचित करने संबंधी अमेरिका-रूस हथियार नियंत्रण समझौते के प्रावधानों का रूस ने पालन किया है.

रूस का यह परमाणु अभ्यास यूक्रेन द्वारा रेडियोएक्टिव उपकरण ‘डर्टी बम’ विस्फोट करने के कथित प्रयासों को लेकर मास्को की चेतावनी के बीच हुआ है. खबरों के मुताबिक, यूक्रेन ‘डर्टी बम’ विस्फोट करके इसका दोष रूस पर मढ़ना चाहता था. यहां तक कि बुधवार को पुतिन ने खुद भी ‘डर्टी बम’ के दावे को दोहराया.

वहीं, रक्षा मंत्री शोईगु ने बुधवार को चीन और भारत के रक्षा मंत्रियों को फोन करके उनसे इस पर चर्चा की. हालांकि, यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने इस आरोप को खारिज किया है. यूक्रेन की सरकार का कहना है कि उसे संदेह है कि रूस अपने ही फर्जी ‘फ्लैग आॅपरेशन’ की योजना बना रहा है.

यदि रूस यूक्रेन के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो यह उसकी भारी भूल होगी: बाइडन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस को यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि यह ‘‘अत्यंत गंभीर गलती’ होगी. बाइडन प्रशासन ने पहले कहा था कि रूस ने नोटिस दिया है कि उसका अपनी परमाणु क्षमताओं का नियमित अभ्यास करने का इरादा है. इससे पहले, यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने रूस के इस दावे को खारिज किया कि कीव रेडियोधर्मी उपकरण तथाकथित ‘डर्टी बम’ के जरिए उसे उकसाने की कोशिश कर रहा है.

यूक्रेन ने कहा कि रूसी सेना अपने कब्जे वाले यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में गुप्त रूप से निर्माण कार्य कर रही है और अपनी गतिविधि से ध्यान हटाने के लिए वह यूक्रेन पर आरोप लगा रही है. बाइडन ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहता हूं: यदि रूस सामरिक परमाणु हथियार का इस्तेमाल करता है, तो यह अत्यंत गंभीर गलती होगी.’’ अमेरिका के राष्ट्रपति से सवाल किया गया था कि क्या रूस ‘‘डर्टी बम’’ या परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है.

बाइडन ने कहा, ‘‘मैं आपको इस बात की गारंटी नहीं देता हूं कि यह वास्तविकता को छुपाने के लिए चलाया गया कोई अभियान है या नहीं. मुझे नहीं पता, लेकिन यह बड़ी भूल होगी.’’ व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन ज्यां पियरे ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी बात स्पष्ट रूप से कही. उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने आज फिर से यह कहा. यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना रूस की बड़ी गलती होगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे. जहां तक ‘डर्टी बम’ के संभावित इस्तेमाल की बात है, तो देखिए, रूस साफ तौर पर झूठे आरोप लगा रहा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे गंभीरता से लेना चाहिए… हमने अतीत में भी रूस को आरोप लगाने की आड़ में उकसावे की कार्रवाई करते देखा है.’’ पियरे ने कहा कि अमेरिका ने रूस को इस दिशा में कोई तैयारी करते नहीं पाया है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह हालात की‘‘अत्यंत निकटता’’ से निगरानी करना जारी रखेगा.’’

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