हिंदू आस्था की रक्षा के लिए सनातन धर्म परिक्षण बोर्ड की स्थापना की जाए: पवन कल्याण

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 11 Nov 2025 09:32 PM
हिंदू आस्था की रक्षा के लिए सनातन धर्म परिक्षण बोर्ड की स्थापना की जाए: पवन कल्याण
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तिरुपति. आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हिंदू आस्था और प्रथाओं की रक्षा के लिए सभी हितधारकों की सहमति से सनातन धर्म परिक्षण बोर्ड की स्थापना का मंगलवार को आ”ान किया. कल्याण की यह टिप्पणी उच्चतम न्यायालय की ओर से नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) के इन निष्कर्षों के मद्देनजर आई है कि तिरुपति मंदिर को घी की आपूर्ति करने वाले आरोपियों ने कथित तौर पर 251 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी तैयार किया था.

एसआईटी ने पाया कि इस मात्रा में से 137 करोड़ रुपये मूल्य के 37 लाख किलोग्राम से अधिक घी की आपूर्ति कथित तौर पर वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के माध्यम से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को की गई थी तथा इसका इस्तेमाल प्रसाद के लड्डू बनाने में किया गया था.

कल्याण ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारी आस्था की रक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता… और अब समय आ गया है कि हम सभी हितधारकों की सहमति से सनातन धर्म परिक्षण बोर्ड की स्थापना करें.” उन्होंने लिखा कि टीटीडी वैश्विक हिंदू समुदाय के लिए गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है और यह एक तीर्थस्थल से कहीं ब­ढ़कर एक पवित्र प्रवास स्थल है.
कल्याण ने कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम केवल एक तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि गहन महत्व वाला एक पवित्र आध्यात्मिक स्थल है.

उन्होंने कहा कि तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डू एक मिठाई से कहीं अधिक हैं – ये साझा भावना और आस्था का प्रतीक हैं, तथा सामूहिक विश्वास को दर्शाते है, क्योंकि श्रद्धालु इन्हें सभी के साथ साझा करते हैं. कल्याण ने कहा कि हर साल लगभग 2.5 करोड़ श्रद्धालु तिरुमला आते हैं और जब हिंदुओं की भावनाओं और प्रथाओं का मजाक उड़ाया जाता है या उन्हें कमतर आंका जाता है, तो इससे दुनियाभर में लाखों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है.

इस बीच, वाईएसआरसीपी नेता और राज्य के पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू ने कल्याण की टिप्पणी की आलोचना की. उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित और जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने का प्रयास करार दिया. रामबाबू ने आरोप लगाया कि कल्याण, जो अब धर्म और आस्था की बात करते हैं, कई त्रासदियों के दौरान चुप रहे, जिनमें तिरुपति भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत, विशाखापत्तनम के सिम्हाचलम मंदिर में श्रद्धालुओं की मौत और श्रीकाकुलम के कासीबुग्गा में नौ श्रद्धालुओं की मौत शामिल है.

रामबाबू ने कहा, “आस्था के स्वयंभू रक्षक ने न तो शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और न ही उनके प्रति संवेदना जताई.” उन्होंने कहा कि कल्याण में उस बुनियादी करुणा का अभाव है, जिसकी एक सार्वजनिक नेता से उम्मीद की जाती है. वाईएसआरसीपी नेता ने आरोप लगाया कि जब विशाखापत्तनम में एक तेदेपा नेता के कोल्ड स्टोरेज से 1.89 लाख किलोग्राम गौ मांस जब्त किया गया, तब कल्याण ने चुप्पी साधे रखी. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “हे भगवान, महान सनातनी योद्धा कल्याण आखिरकार अपनी शीत निद्रा से बाहर आ गए हैं, न्याय के लिए नहीं, सत्य के लिए नहीं, धर्म के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के दुष्प्रचार के ढोल पर नाचने के लिए. क्या मजाक है.”

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