एसडीपीआई विवाद: भाजपा ने कांग्रेस पर लोकसभा चुनाव में एसडीपीआई का समर्थन लेने का आरोप

नयी दिल्ली. प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) द्वारा केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को समर्थन देने की पेशकश के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘आतंकवादियों के समर्थन’ से लोकसभा चुनाव लड़ रही है. केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस के वी डी सतीशन ने सोमवार को मीडियार्किमयों को बताया था कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए यूडीएफ का एसडीपीआई के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने आरोप लगाया कि ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने की बात करने वाले राहुल गांधी बार-बार आतंकवाद और अलगाववाद को ‘मोहब्बत के पैगाम’ भेज रहे हैं. शुक्ला ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ”राहुल गांधी रामलीला मैदान से देश को आग लगाने की धमकी देते हैं और फिर वह एसडीपीआई और आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों का चुनावी समर्थन हासिल करते हैं.”

कांग्रेस पर आतंकवादियों के समर्थन से चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रवक्ता ने पूछा, ”उन्हें एसडीपीआई जैसे संगठन का समर्थन लेने की क्या जरूरत है जो आतंकवादियों का समर्थन करता है.” भाजपा की केरल इकाई ने मंगलवार को राहुल गांधी से एसडीपीआई द्वारा यूडीएफ को समर्थन की पेशकश किए जाने पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की थी जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर उसने एसडीपीआई का समर्थन लिया है तो कांग्रेस के राज में लोग कैसे सुरक्षित रह सकते हैं.

शाह ने कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण संसदीय सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान कहा, ”एक तरफ बेंगलुरु में धमाके हो रहे हैं और दूसरी तरफ मुझे जानकारी मिली है कि एसडीपीआई ने कांग्रेस का समर्थन किया है. अगर यह सच है तो क्या कांग्रेस के शासन में कर्नाटक के लोग सुरक्षित रह सकते हैं? ” पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त होने के कारण केंद्र द्वारा सितंबर 2022 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था. पीएफआई का गठन 2006 में केरल में हुआ था. इसका मुख्यालय दिल्ली में था.

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