मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब की अंतरराज्यीय तस्करी रोकने पहुंचे खातेगांव के थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या के आरोपी चालक की पड़ोसी राज्य गुजरात में भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अवैध शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की धरपकड़ में जुटी है। उन्होंने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत की तलाश में आलीराजपुर, धार, झाबुआ, देवास और इंदौर जिलों में पुलिस के दल भेजे गए हैं, क्योंकि वह पहले इन क्षेत्रों में रह चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस आलीराजपुर निवासी चालक के रिश्तेदारों और अन्य संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उन्होंने बताया कि गुजरात में रावत के छिपने के संदेह के मद्देनजर वहां भी पुलिस का एक दल भेजा गया है। देवास के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आदित्य मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,”हम आरोपियों के मध्यप्रदेश से गुजरात तक फैले अवैध शराब तस्करी नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ करेंगे। इसके लिए तमाम कड़ियां जोड़कर नेटवर्क से जुड़े सदस्यों तक पहुंचा जा रहा है।”
मिश्रा के अनुसार, 1,800 से ज्यादा लीटर अवैध शराब से भरे ट्रक से कुचलकर थाना प्रभारी की हत्या के मामले में ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक सबूत जुटाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में अब तक राहुल जायसवाल, केरम ंिसह चंगोड़ और विजय राव को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि हर फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जायसवाल पर हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात तक अवैध शराब तस्करी नेटवर्क संचालित करने का आरोप है, जबकि केरम ंिसह ने तस्करी के लिए चालक रावत को ट्रक उपलब्ध कराया था।
अधिकारियों ने बताया कि विजय राव ने जायसवाल के लिए शराब तस्करी नेटवर्क में काम करना कथित तौर पर स्वीकार किया है।
उन्होंने बताया कि शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े पाटेंद्र जायसवाल के नाम पर हरदा जिले में संचालित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अलावा, एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी और दो आबकारी आरक्षकों को निलंबित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, तस्करी के जरिये अवैध शराब की खेप गुजरात भेजे जाने की सूचना पर खातेगांव थाना प्रभारी पुरी सोमवार तड़के पुलिस दल के साथ इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर पहुंचे थे।
उन्होंने बताया, “पुरी ने 1,800 से ज्यादा लीटर शराब से भरे ट्रक को रोककर चालक से पूछताछ का प्रयास किया, लेकिन चालक ने पुलिस से बचकर भागने के लिए ट्रक सड़क के डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इस दौरान वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौत हो गई।” अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में पिछले कई वर्षों से शराबबंदी लागू होने के बावजूद राज्य में पश्चिमी मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के रास्ते अवैध शराब पहुंचाए जाने की कोशिशों के मामले लगातार सामने आते हैं।
उन्होंने बताया कि तस्कर ट्रक, कंटेनर और टैंकर में विशेष प्रकार के गुप्त खाने बनवाते हैं और कई मामलों में शराब की पेटियों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगाहों से बचाने के लिए पशु आहार, अनाज, सीमेंट, सब्जियों या अन्य सामान के नीचे छिपाकर रखा जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्य राजमार्गों पर सख्ती होने की स्थिति में कच्चे, ग्रामीण और अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल करते हुए अवैध शराब की खेप गुजरात पहुंचाने की कोशिश की जाती है।