लोकसभा चुनाव में हार को भांपते हुए विपक्ष कर रहा है विभाजनकारी राजनीति : भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी दलों के नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर उनकी ताजा टिप्पणी के लिए मंगलवार को निशाना साधा और उन पर लोकसभा चुनाव में अपनी हार को भांपते हुए देश का माहौल खराब करने के लिए ‘विभाजनकारी राजनीति’ में लिप्त होने का आरोप लगाया.

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि वे देश की प्रगति के लिए मोदी को वोट देकर आगामी संसदीय चुनावों में इस तरह की ‘शक्तियों’ को खारिज कर दें और उन्हें करारा जवाब दें.
त्रिवेदी ने कर्नाटक के मंत्री शिवराज तंगादगी के ‘मोदी, मोदी के नारे लगाने वाले युवाओं को थप्पड़ मारने’ वाले बयान की आलोचना की और उन पर चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया.

भाजपा नेता ने कहा कि तंगादगी की टिप्पणी यह भी दिखाती है कि ‘राहुल गांधी की कांग्रेस’ का महात्मा गांधी के आदर्शों से कोई लेना-देना नहीं है जिन्होंने हमेशा अहिंसक विरोध का समर्थन किया. उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या वह देश में इस तरह का लोकतंत्र स्थापित करना चाहती है? त्रिवेदी ने कहा, “चुनाव में उनकी आसन्न हार को देखते हुए इस तरह की टिप्पणियां हताशा में हिंसा तक पर उतरने की खतरनाक प्रवृत्ति का प्रतीक हैं.” उन्होंने मांग की कि कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि इस तरह के ‘विभाजनकारी एवं हिंसक भड़काऊ’ बयानों की लोकतंत्र में क्या कोई प्रासंगिकता है? उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई एक टिप्पणी को लेकर विपक्षी दल की आलोचना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि कांग्रेस और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) कुछ अज्ञात ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं.

त्रिवेदी ने कहा, “उन्होंने (सुप्रिया श्रीनेत) यह कहते हुए पोस्ट हटा दी कि उनके (सोशल मीडिया) अकाउंट तक पहुंच रखने वाले किसी व्यक्ति ने इसे पोस्ट किया है. इससे साफ होता है कि कांग्रेस के सोशल मीडिया अकाउंट कहां से संचालित होते हैं. देश को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस द्वारा इस तरह की नकारात्मक और कायरतापूर्ण टिप्पणियां जानबूझकर ही नहीं बल्कि एक साजिश के रूप में की जाती हैं.” त्रिवेदी ने आरोप लगाया, ”इससे साबित होता है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन कुछ अज्ञात ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं.”

केरल के मुख्यमंत्री और माकपा नेता पिनराई विजयन की इस टिप्पणी पर कि पहले दो मुसलमानों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए थे, त्रिवेदी ने उन पर वोट के लिए विभाजनकारी राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की ‘बासी और 100 साल पुरानी’ राजनीति से विपक्षी दलों को कोई सकारात्मक नतीजा नहीं मिलने वाला है क्योंकि जनता मोदी के साथ है.

उन्होंने कहा, ”इसे खारिज किया जाना चाहिए और मोदीजी के नेतृत्व में एक नए युग और राजनीति के एक नए ब्रांड का समर्थन किया जाना चाहिए. मैं लोगों से इस तरह की राजनीति का करारा जवाब देने का आग्रह करता हूं.” उन्होंने कहा, ”मैं देश के युवाओं से आग्रह करता हूं कि समय आ गया है कि भारत को एक नए युग में ले जाने के लिए मोदी के साथ खड़े हों, जो इसे एक आर्थिक महाशक्ति बनाने में लगे हैं.” त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विपक्षी नेता सत्ता पाने के लिए ‘नकारात्मक राजनीति’ का सहारा ले रहे हैं.

उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर लोगों को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया. स्टालिन ने दावा किया है कि मोदी सरकार ने दक्षिणी राज्य के लोगों के लिए कुछ नहीं किया. त्रिवेदी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग लोकसभा चुनावों में लोगों के समर्थन से 400 से ज्यादा सीटें हासिल करने के अपने लक्ष्य को हासिल करने की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी पार्टियां अपनी नकारात्मक टिप्पणियों एवं अंतर्कलह से राजनीतिक ‘आत्महत्या’ की ओर बढ़ रही हैं.

लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर सात चरणों में संपन्न होने हैं. वोटों की गिनती चार जून को होगी. संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए त्रिवेदी ने भाजपा के वरुण गांधी के बारे में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि उन्हें दूसरों के बजाय अपने और अपनी पार्टी के बारे में सोचना चाहिए. चौधरी ने मंगलवार को दावा किया कि गांधी परिवार से संबंध होने के कारण भाजपा ने वरुण गांधी को लोकसभा चुनाव का टिकट देने से इनकार कर दिया. चौधरी ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का न्योता दिया. चौधरी ने वरुण गांधी को ‘दबंग नेता’ बताया और कहा कि वह साफ-सुथरी छवि वाले जानकार व्यक्ति हैं.

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