सोनिया गांधी ने एजेएल अधिग्रहण में खुद को और बेटे को लाभ पहुंचाने के लिए पद का ‘दुरुपयोग’ किया: ईडी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 21 May 2025 10:33 PM
सोनिया गांधी ने एजेएल अधिग्रहण में खुद को और बेटे को लाभ पहुंचाने के लिए पद का ‘दुरुपयोग’ किया: ईडी
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. माना जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में दाखिल अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने यंग इंडियन (वाईआई) कंपनी के माध्यम से सार्वजनिक धन को अपने उपयोग के लिए परिर्वितत कर खुद को और अपने पुत्र राहुल गांधी को लाभ पहुंचाने के वास्ते तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपने पद का ”दुरुपयोग” किया.

सूत्रों ने आरोपपत्र के हवाले से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दोनों नेताओं ने कुछ साल पहले इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने के दौरान संघीय जांच एजेंसी से कहा था कि उन्हें यंग इंडियन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) में चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं थी.

समझा जाता है कि सोनिया और राहुल ने एजेंसी को बताया है कि इन सभी मामलों की देखरेख दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा करते थे, क्योंकि उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से निपटने का अधिकार दिया गया था. आरोपपत्र नौ अप्रैल को दाखिल किया गया था और स्थानीय अदालत ने अभी तक इसका संज्ञान नहीं लिया है. ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दाखिल आरोपपत्र में पांच अन्य लोगों के अलावा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी (78) को आरोपी नंबर-1 और उनके बेटे राहुल गांधी (54) को आरोपी नंबर-2 के रूप में नामित किया है.

नेशनल हेराल्ड मामला यंग इंडियन के बड़े शेयरधारकों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) द्वारा एजेएल की संपत्तियों को अवैध रूप से प्राप्त करने के लिए कथित साजिश से संबंधित है. एजेएल, नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है.

समझा जाता है कि आरोपपत्र में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने यंग इंडियन द्वारा एजेएल का अधिग्रहण करके अपने और अपने बेटे राहुल गांधी के ”व्यक्तिगत लाभ” के लिए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष (2010-11) के रूप में अपने पद का ”दुरुपयोग” किया.
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते यह ”फर्जी” लेन-देन उनकी (सोनिया) जानकारी और सक्रिय भागीदारी के बिना नहीं किया जा सकता था.

ऐसा समझा जाता है कि राहुल गांधी के संबंध में ईडी के आरोपपत्र में कहा गया है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एजेएल के शेयरधारकों और कांग्रेस पार्टी के दानदाताओं के साथ ”धोखाधड़ी” की. कांग्रेस ने गांधी परिवार के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को प्रतिशोध की राजनीति बताया है.

नेशनल हेराल्ड मामले में प्रथम दृष्टया सोनिया और राहुल के खिलाफ मामला बनता है: ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी, तथा अन्य के खिलाफ प्रथम दृष्टया धन शोधन का मामला बनता है. ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोग्ने के समक्ष दलील रखीं. मामले का संज्ञान लिया जाए या नहीं, इस बारे में शुरुआती दलील में ईडी ने यह बात कही.

इस बीच, न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि मामले में अपने आरोपपत्र की एक प्रति वह भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को दे जिनकी निजी शिकायत के आधार पर ईडी ने मौजूदा मामला दर्ज किया था. इस समय मामले में दलील दी जा रही हैं. स्वामी की 26 जून, 2014 में दाखिल एक निजी शिकायत पर मजिस्ट्रेटी अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद ईडी ने 2021 में अपनी जांच शुरू की थी. एजेंसी ने हाल में अपना आरोपपत्र दायर किया था.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu