नयी दिल्ली. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के निचले सदन में राहुल शेवाले को शिवसेना नेता के रूप में मान्यता दे दी है. शिंदे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिवसेना के सांसदों ने पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों को कायम रखने के उनके रुख का समर्थन किया है.
उन्होंने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल शेवाले को निचले सदन में शिवसेना के नेता के रूप में मान्यता दे दी है.” शिंदे के साथ शिवसेना के 12 लोकसभा सदस्य थे जिन्होंने संसदीय दल के नेता को बदलने के लिए अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा था.
लोकसभा में पार्टी के नए नेता राहुल शेवाले ने कहा, “उद्धव ठाकरे भाजपा के साथ फिर से जुड़ने के इच्छुक थे, लेकिन अपनी बात से मुकर गए.”
उन्होंने कहा, “हमने ठाकरे से उपराष्ट्रपति पद के लिए मार्गरेट अल्वा का समर्थन नहीं करने के लिए भी कहा था, लेकिन हमारे विचारों को नजरअंदाज कर दिया गया.” लोकसभा में शिवसेना के 19 सांसद हैं, जिनमें से 12 शिंदे खेमे को अपना समर्थन दे रहे हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे सहित शिवसेना के बारह लोकसभा सदस्यों ने पहले अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उनसे संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता को बदलने का अनुरोध किया.
पार्टी के सदन के नेता विनायक राउत द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र दिए जाने के एक दिन बाद शिवसेना के बागी सांसदों ने बिरला से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गुट के किसी भी निवेदन पर विचार न करने को कहा. बिरला से मुलाकात करने वाले शिंदे गुट के 12 सांसदों में से एक हेमंत गोडसे ने कहा, “शिवसेना के 12 लोकसभा सदस्यों ने अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और विनायक राउत के स्थान पर राहुल शेवाले को पार्टी के नेता के रूप में नियुक्त करने का अनुरोध किया.” राउत ने सोमवार रात अध्यक्ष को सौंपे गए अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि वह शिवसेना संसदीय दल के “विधिवत नियुक्त” नेता हैं और राजन विचारे मुख्य सचेतक हैं.