श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल सर्वदलीय अंतरिम सरकार बनाने पर सहमत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 10 Jul 2022 08:46 PM
श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल सर्वदलीय अंतरिम सरकार बनाने पर सहमत

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कोलंबो. श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के संभावित इस्तीफे के बाद सर्वदलीय अंतरिम सरकार बनाने पर रविवार को सहमत हो गये. श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह 13 जुलाई को इस्तीफा दे देंगे.
श्रीलंका में राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को प्रदर्शनकारियों के मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में घुसने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमंिसघे और राजपक्षे ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी.
राजपक्षे के संभावित इस्तीफे के बाद मौजूदा आर्थिक संकट में देश को आगे बढ़ाने के तरीकों की तलाश के लिए विपक्षी दलों ने बैठक की.

सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना पार्टी (एसएलपीपी) के अलग हुए समूह के नेता विमल वीरावांसा ने कहा, ‘‘हम सभी दलों की भागीदारी के साथ सैद्धांतिक रूप से एक अंतरिम सरकार बनाये जाने पर सहमत हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसी सरकार होगी जहां सभी दलों का प्रतिनिधित्व होगा.’’ एसएलपीपी से अलग हुए समूह के एक अन्य नेता वासुदेव नानायकारा ने कहा कि उन्हें 13 जुलाई को राजपक्षे के इस्तीफे का इंतजार करने की जरूरत नहीं है.

राष्ट्रपति राजपक्षे ने शनिवार को संसद अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने को सूचित किया था कि देश के विपक्षी दलों द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के बाद वह बुधवार को इस्तीफा दे देंगे. प्रधानमंत्री रानिल विक्रमंिसघे ने भी इस्तीफे की पेशकश की है.
मुख्य विपक्षी पार्टी समागी जन बालवेगया (एसजेबी) ने कहा कि उन्होंने व्यापक आंतरिक चर्चा की.

एसजेबी के महासचिव रंजीथ मद्दुमा बंडारा ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य सीमित अवधि के लिए सभी पार्टियों की अंतरिम सरकार बनाना है और फिर संसदीय चुनाव कराना है.’’ राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद सत्ता परिवर्तन के लिए सदन की बैठक बुलाने पर चर्चा करने के लिए संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं की सोमवार दोपहर को बैठक होनी है. विक्रमंिसघे ने शनिवार को कहा था कि वह इस्तीफा देने के इच्छुक हैं ताकि देश में सर्वदलीय सरकार गठित करने के लिये रास्ता बन सके.

प्रधानमंत्री के मीडिया प्रभाग ने कहा था कि सर्वदलीय सरकार बनने और संसद में बहुमत साबित होने के बाद वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. उनके कार्यालय ने कहा कि विक्रमंिसघे तब तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे. विक्रमंिसघे ने पार्टी नेताओं से कहा था कि वह इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं कि इस सप्ताह से देशव्यापी ईंधन वितरण दोबारा शुरू किया जाना है, विश्व खाद्य कार्यक्रम के निदेशक इस सप्ताह देश का दौरा करने वाले हैं और आईएमएफ के लिए ऋण निरंतरता रिपोर्ट को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाना है.

इस बीच, बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन के बाद श्रीलंका के पांच कैबिनेट मंत्रियों ने अपने इस्तीफे की घोषणा की है.
श्रीलंका के सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने रविवार को सभी श्रीलंकाई लोगों से देश में शांति बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों और पुलिस का समर्थन करने का आह्वान किया.

By Yogesh Kumar Sahu