शेयर बाजार में लगातार तीसरे सेशन बिकवाली रही! Nifty 100 अंकों से ज्यादा टूटकर 22,600 के करीब बंद हुआ, जबकि Bank Nifty में करीब 1% की गिरावट रही। Sensex भी 450 अंकों से ज्यादा फिसला।
FMCG और IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, वहीं India VIX बढ़कर 15.7 पर पहुंचा। शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई। गिरावट की बड़ी वजहें— कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताएं, बाजार में लगातार बिकवाल और निवेशकों पर दबाव बना रहा। आज के बाजार का हाल। सेंसेक्स: 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 पर बंद, निफ्टी 50: 123.70 अंक टूटकर 22,687.65 पर बंद हुआ।
आज के कारोबार की शुरुआत भी गिरावट के साथ लाल निशान में ही हुई थी। हालांकि बाजार खुलने के बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाने की कोशिश की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में थोड़ा सुधार भी हुआ। पहले दो घंटे के कारोबार में बाजार में लिवाली का जोर बना हुआ नजर आया, लेकिन इसके बाद बाजार पर बिकवाल हावी हो गए। खासकर, दिन के दूसरे सत्र में बाजार में ऊपरी स्तर से शुरू हुई मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के कारण बिकवाली का ऐसा दबाव बना, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक गिरते चले गए। पूरे दिन के कारोबार के बाद सेंसेक्स 0.62 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ आजो के कारोबार का अंत किया।
बाजार में लगातार हो रही बिकवाली के इस तगड़े झटके के कारण सेंसेक्स ने आज दिन के ऊपरी स्तर से 700 अंक से अधिक का गोता लगाया, जबकि निफ्टी भी अपने ऊपरी स्तर से 250 अंक से अधिक टूट कर 22,700 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसलने पर मजबूर हो गया। बाजार में आज हुई इस चौतरफा बिकवाली के कारण शेयर बाजार के निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आ गई।
निवेशकों के लिए संकेत: फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना हुआ है। जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और जोखिम पर ध्यान दें। पिछले 2 साल में भारतीय शेयर मार्केट ने ‘0’ रिटर्न दिया है जबकि कंगाल पाकिस्तान ने भी 107% का रिटर्न दिया है. कॉरपोरेट घरानों ने अपनी सहूलियत के लिए रंगाई-पुताई करके जिस कठपुतली को तैयार किया था, अब उन्हें खुद अपनी ही बनाई कठपुतली पर ज़रा भी भरोसा नहीं बचा है!
अगर एक कंपनी पचास परसेंट की ग्रोथ से फिसल कर चालीस परसेंट पर आ गई है और दूसरी कंपनी पच्चीस परसेंट से बढ़कर तीस परसेंट पर पहुंच गई है तो बाजार हमेशा तीस परसेंट वाली कंपनी को ज्यादा भाव देगा। शेयर बाजार सिर्फ आंकड़ों को नहीं बल्कि स्पीड की दिशा को सलाम करता है। गिरती हुई स्पीड में बड़े निवेशक बाहर निकलते हैं और बढ़ती स्पीड में नया पैसा अंदर आता है।
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