सरगुजा जिले में एक निजी स्कूल के हॉस्टल में करंट लगने से 15 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पुलिसकर्मी से मिली जानकारी के अनुसार, छात्र हॉस्टल के कमरे का लोहे का दरवाजा खोल रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आकर बेहोश हो गया। अन्य छात्रों ने उसे बेहोश देखकर शोर मचाया। इसके बाद उसे देर रात अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम सूर स्थित मेमोरियल स्कूल के हॉस्टल की है। मृतक छात्र की पहचान आशुतोष (15 वर्ष) के रूप में हुई है। वह जशपुर जिले के ग्राम तमता का रहने वाला था और मेमोरियल स्कूल में आठवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। आशुतोष स्कूल द्वारा संचालित हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। लोहे का दरवाजा खोलते ही लगा करंट बताया जा रहा है कि शनिवार रात आशुतोष ने हॉस्टल के कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की। इसी दौरान उसे बिजली का तेज झटका लगा और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, कमरे का दरवाजा लोहे का था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। छात्र को बेहोश देखकर हॉस्टल में मौजूद अन्य विद्यार्थियों ने शोर मचाया। इसके बाद आशुतोष को देर रात अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि लोहे के दरवाजे में करंट कैसे पहुंचा। परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।