रामपुर का शोषण करने वाले दुर्गति भुगत रहे हैं : योगी आदित्यनाथ का आजम खां पर कटाक्ष

रामपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और रामपुर से मौजूदा विधायक आजम खां पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए रामपुर का शोषण किया वे आखिरकार इसका परिणाम भुगत रहे हैं.’ मुख्यमंत्री ने यहां 72 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित और निर्माणाधीन 22 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा, ‘‘रामपुर की अपनी ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान है और हमें इसे किसी भी हाल में बनाए रखना है.’’

आजम खां का नाम लिए बगैर उनपर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘‘मगर ऐसे लोग, जिनके एजेंडे में विकास और जनकल्याण का कोई स्थान नहीं था, जिन लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए रामपुर का शोषण किया. जिन्होंने रामपुर को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं नहीं बनाई बल्कि वे योजनाएं सिर्फ एक व्यक्ति पर केंद्रित होने के साथ-साथ शोषण का साधन बनीं, अंतत: उन्हें उसकी दुर्गति भी भुगतनी पड़ रही है.”

गौरतलब है कि सपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल आजम खां वर्तमान में रामपुर सदर से पार्टी विधायक हैं. पूर्व में वह रामपुर से सांसद भी रह चुके हैं. खां भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे तथा चोरी समेत विभिन्न आरोपों के लगभग 89 मुकदमों में करीब 27 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहे थे और पिछली मई में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था. उनके खिलाफ पिछले दिनों एक मामले के गवाह को धमकाने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है.

खां ने विधायक बनने के बाद रामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था जिस पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार घनश्याम लोधी को जीत मिली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामपुर के लोग विकास, सुरक्षा और खुशहाली के साथ खड़े हुए और एक नए युग की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि जनता ने घनश्याम लोधी को रामपुर लोकसभा उपचुनाव में जीत दिलाकर इसका स्पष्ट संदेश भी दे दिया है.

मुख्यमंत्री ने राज्य की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘उस सरकार में अपने लाभ के लिए योजनाएं बनायी जाती थीं. पैसा तो सरकार का होता था लेकिन निहित स्वार्थों के कारण कोई काम नहीं होता था. यही कारण है कि रामपुर का राजकीय मुर्तुजा इंटर कॉलेज एक पार्टी विशेष (सपा) का कार्यालय बन गया था.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘200 साल पुराने मदरसा आलिया को निजी संस्थान में बदलने की कोशिश की गई. वहां रखी दुर्लभ पांडुलिपियों को बिना किसी अनुमति के कब्जे में लेने की कोशिश की गई. हालांकि भाजपा सरकार ने उन पांडुलिपियों को बचाने का काम किया और किसी को भी ऐसी चीजों से खेलने नहीं दिया जाएगा.” उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘रामपुर का सिटी मांटेसरी स्कूल, जहां स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी ठहरा करते थे, उस पर भी कब्जा करने की कोशिश की गई.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इतना ही नहीं ऐसी अनेक योजनाएं और परियोजनाएं जो रामपुर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती थीं, उनमें रुकावट पैदा की गई और पिछले 10-12 वर्षों से एक साजिश के तहत रामपुर को विकास और खुशहाली से वंचित रखा गया. ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए मैं नियमित रूप से रामपुर आता रहता हूं और आप सब से आग्रह करता हूं कि अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद ना करें.” आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त राज्य बना रहेगा और यहां अपराध, अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं है.

रामपुरी चाकू के जरिए सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पहले रामपुर के चाकू गलत हाथों में थे और वे शोषण और स्वार्थ का केंद्र ंिबदु बन गए थे. लेकिन जब यह चाकू सही हाथ में आया, तब भाजपा की डबल इंजन सरकार ने उस रामपुरी चाकू को नागरिकों और व्यापारियों को सुरक्षा देने के लिए इस्तेमाल किया.’’ उन्होंने कहा कि रामपुर का चाकू अब निवेश का माध्यम भी बन गया है. जरूरी है कि हम सभी इस विकास का हिस्सा बनें. रामपुर अब बदल रहा है और यहां देश के पहले ‘अमृत सरोवर’ का उद्घाटन किया गया है.

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