
नयी दिल्ली. चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर संदेह उठाये जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि जब दो राज्यों के विधानसभा के चुनाव परिणाम एक ही दिन आये हों और एक में किसी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया हो और दूसरे में वह जीत गयी हो तो ईवीएम पर सवाल उठाने वालों को शर्म करनी चाहिए ह्लक्योंकि जनता देख रही है”.
राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी की नकल नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विभिन्न देशों के संविधानों की अच्छी बात लेने के साथ साथ इसमें अपने देश की परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है.
शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनकी ओर संकेत करते कहा, ”अभी कुछ राजनेता आये हैं, 54 साल की आयु में अपने को युवा कहते हैं. घूमते रहते हैं और (कहते हैं कि सत्तारूढ़ दल वाले) संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि संविधान बदलने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 368 में ही है.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने 16 साल शासन किया जिसमें 22 बार संविधान में संशोधन किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल शासन किया और इस दौरान उसने संविधान में 77 बार परिवर्तन (संविधान संशोधन) किए. गृह मंत्री ने दावा किया कि संविधान संशोधन में यह देखने वाली बात है कि किसने देश के नागरिकों की भलाई के लिए संशोधन किए और किसने अपनी सत्ता को बचाये रखने के लिए इसमें परिवर्तन किए.
उन्होंने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी सरकार के शासनकाल में किए गए संविधान संशोधनों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि संविधान में पहला संशोधन नागरिकों के मूलभूत अधिकार में कटौती करने के लिए लाया गया था. भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी के लोग चुनाव हारने के बाद ईवीएम को लेकर घूमते हैं कि ईवीएम ने हरा दिया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने ईवीएम संबंधी 24 अर्जियों को नकार दिया तथा निर्वाचन आयोग ने तीन दिन तक ईवीएम को हैक करने के लिए लोगों को आमंत्रित किया किंतु कोई नहीं आया.
उन्होंने कहा कि हाल में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ हो गया. उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि जो द्रोह जनादेश के साथ किया गया, उसका दंड महाराष्ट्र की जनता ने दिया. शाह ने कहा, ”उसी दिन वो (कांग्रेस) झारखंड में जीते. महाराष्ट्र में ईवीएम खराब है और झारखंड में टप्प से जाकर, नये कपड़े पहन कर शपथ ले ली. अरे भाई जरा तो शर्म करो, जनता देख रही है.” उन्होंने देश में आपातकाल लगाये जाने और चुनी हुई सरकार को अनुच्छेद 356 लगाकर गिराने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की.



