क्वेटा. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को संदिग्ध बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में तीन सुरक्षार्किमयों समेत पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 30 अन्य जवान घायल हो गए. प्रांत के नोश्की इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग पर अर्धसैनिक बल के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया गया. इस हमले में तीन आतंकवादी भी मारे गए हैं.
इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है, जिसने पिछले सप्ताह यात्री ट्रेन जाफर एक्सप्रेस पर कब्जा कर यात्रियों को बंधक बना लिया था. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमले की जगह से मिले साक्ष्यों से पता चलता है कि आत्मघाती हमलावर ने नोश्की-दलबंदिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर विस्फोटकों से लदे वाहन से अर्धसैनिक बल ‘फ्रंटियर कॉर्प’ (एफसी) के काफिले को टक्कर मार दी.
पुलिस अधिकारी ने कहा, ”विस्फोट के बाद, कुछ अन्य आतंकवादियों ने सुरक्षार्किमयों पर गोलीबारी की, लेकिन जवाबी गोलीबारी में उनमें से दो मारे गए. दो नागरिक और तीन सैनिक भी मारे गए.” नोश्की के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हाशिम मोमंद ने बताया कि विस्फोट बहुत तीव्र था और इसमें अर्धसैनिक बल के कम से कम 30 जवान घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
स्थानीय पुलिस थाने के प्रमुख जफरुल्लाह सुमालानी ने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि घायलों में से कई की हालत गंभीर है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री मोहसिन नकवी और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हमले की निंदा की और जानमाल का नुकसान होने पर दुख जताया.
शरीफ ने एक बयान में कहा, ”ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें आतंकवाद के खिलाफ हमारे संकल्प को डिगा नहीं सकतीं.” बुगती ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ”बलूचिस्तान की शांति के साथ खिलवाड़ करने वालों का दुखदायी अंत होगा.” बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने भी ”निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर” किए गए हमले की निंदा की.
इसी प्रांत में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के बागियों ने 11 मार्च को गुडलार और पीरू कुनरी के पहाड़ी इलाकों के पास 440 यात्रियों को लेकर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर घात लगाकर हमला किया था. सेना द्वारा 12 मार्च को सभी 33 आतंकवादियों को मार गिराने से पहले आतंकवादियों ने 21 यात्रियों और अर्धसैनिक बलों के चार जवानों को मार डाला था.