पंजाब में सरकारी कार्यालयों का समय बदला, अब सुबह साढ़े सात बजे से खुलेंगे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 02 May 2023 10:30 PM
पंजाब में सरकारी कार्यालयों का समय बदला, अब सुबह साढ़े सात बजे से खुलेंगे
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चंडीगढ़/लुधियाना. पंजाब सरकार के दफ्तरों के खुलने तथा बंद होने का समय मंगलवार से बदल गया है. अगले ढाई महीने तक सरकारी कार्यालय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे के बजाय सुबह साढ़े सात बजे से अपराह्न दो बजे तक खुलेंगे. नयी समयसारिणी के मुताबिक कार्य अवधि में आधे घंटे का भोजनावकाश नहीं होगा. इसके बावजूद र्किमयों को एक घंटे कम काम करना होगा.

नया समय 15 जुलाई तक लागू रहेगा और इससे ढाई महीने के दौरान करीब 40-42 करोड़ रुपये की बचत होगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने र्किमयों के साथ सुबह सात बजकर 28 मिनट पर यहां सिविल सचिवालय पहुंचे और इसके बाद मीडिया को संबोधित किया.
मान ने कहा कि इस कदम से न केवल बिजली बचाने में मदद मिलेगी बल्कि इसके कई अन्य फायदे भी मिलेंगे.

मान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘फैसला लागू करने से पहले हमने कर्मचारियों से चर्चा की और लोग इससे सहमत थे.’’ उन्होंने कहा कि इस कदम से बिजली बचाने में मदद मिलेगी ‘‘जो बहुत बड़ा मुद्दा है.’’ कई स्थानों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) से लेकर कार्यालय सहायक तक सरकारी कार्यालय में तय समय सुबह साढ़े सात बजे से पहले पहुंच गए थे. कैबिनेट मंत्रियों ने भी नयी समयारिणी का अनुपालन किया और समय से पहले ही अपने कार्यालय पहुंचे.

मान के सूचना व जनसंपर्क अधिकारी अमन अरोड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘सुप्रभात पंजाब…काम ही पूजा है…पंजाब सरकार द्वारा कार्यालय समय बदलकर सुबह साढ़े सात बजे से अपराह्न दो बजे तक करना महान पहल है. भगवंत मान जी के नेतृत्व में छोटे कदम से बड़ी उपलब्धि हासिल होगी नयी ऊंचाई तक पहुंचेंगे. हम सभी उनके सपनों का साकार करने के लिए मिलकर काम करें.’’ पटियाला की उपायुक्त साक्षी साहणे तय समय सुबह साढ़े सात बजे से पहले ही अपने कार्यालय पहुंची.

उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के निर्देश पर टीम पटियाला सभी सरकारी कार्यालयों में सुबह साढ़े सात बजे पहुंच गई है, हम नागरिकों की काम ही पूजा है की भावना से सेवा करने को प्रतिबद्ध हैं.’’ मान ने कहा कि जब सरकारी दफ्तर अपराह्न दो बजे बंद होंगे और उनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो जाएंगे तो इसका मतलब होगा कि प्रति दिन करीब 350 मेगावॉट तक कम खपत होगी जिससे बिजली के बिलों पर हर महीने करीब 16-17 करोड़ रुपये बचेंगे. उन्होंने कहा कि इस तरह 15 जुलाई तक कुल 40-42 करोड़ रुपये की बचत होगी.

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अनुसार, बिजली की खपत सबसे ज्यादा अपराह्न डेढ़ बजे से चार बजे तक होती है और कार्यालयों के नए समय से लोड कम होगा. कर्मचारी इस कदम को परिवार के साथ अधिक समय व्यतीत करने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं जबकि दूर स्थित कार्यालय जाने वाले र्किमयों ने नयी समयसारिणी को लेकर ंिचता जताई है.

एक सरकारी कर्मचारी ने काम के नए घंटों को लेकर थोड़ी ंिचता जतायी. नाम न उजागर करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि इससे उन्हें अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने में दिक्कत आएगी. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे बच्चों की स्कूल बस आने का समय भी सुबह साढ़े सात बजे है और मुझे साढ़े सात बजे तक दफ्तर पहुंचना होगा.’’ इसके अलावा रोज लंबी दूरी तय कर दूसरे शहर स्थित अपने कार्यालय जाने वाली महिलाओं समेत कुछ कर्मचारियों ने कहा कि समय में बदलाव से काफी मुश्किल होगा.

लुधियाना में कार्यालयों के समय में बदलाव को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही. कुछ महिला र्किमयों ने नयी समय सारिणी से परेशानी होने की शिकायत की. लुधियाना स्थित मिनी सचिवालय में कार्य करने वाली महिला कर्मी ने कहा, ‘‘हम सभी को बच्चों की देखभाल करनी होती है, कार्यालय आने से पहले उन्हें स्कूल के लिए तैयार करना होता है और घर के अन्य काम होते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इस बदलाव से व्यस्तता बढ़ गई है क्योंकि उसी समय कार्यालय भी आना होगा और बच्चों को स्कूल भी भेजना होगा.

दूसरे शहरों में तैनात र्किमयों ने भी सुबह-सुबह कार्यालय जाने में परेशानी होने की शिकायत की. उन्होंने कहा कि वे जालधंर रहते हैं और लुधियाना में तैनात हैं उन्हें नए समय पर कार्यालय आने के लिए सुबह पांच बजे घर से निकलना होगा. लुधियाना के आॅफिस इम्प्लॉई यूनियन के उपायुक्त विकास जुनेजा ने कहा कि उन्होंने सरकार के बिजली बचाने के लिए उठाए कदम का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शुरुआती झटकों के बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा.

लुधियाना म्युनिसिपल इम्प्लॉई संघर्ष यूनियन के अध्यक्ष अश्वनी सहोता ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कर्मचारी इस फैसले से खुश हैं. वहीं, बदले हुए समय के पहले दिन अधिकतर कर्मचारी सुबह साढ़े सात बजे अपने कार्यालयों में मौजूद रहे लेकिन सुबह लोगों की भीड़ रोज की तरह नहीं दिखी. अधिकारियों ने कहा कि नयी समय सारिणी के अनुरूप ढलने में कुछ दिन लगेंगे और जनता सुबह कार्यालय आने लगेगी. मंगलवार को कार्यालय में लोग पूर्वाह्न साढ़े दस बजे से लेकर 11 बजे के बाद आते दिखाई दिए.

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