ट्रंप ने गाजा में युद्ध पर समझौते का आह्वान किया, प्रगति के संकेत सामने आये

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 29 Jun 2025 10:11 PM
ट्रंप ने गाजा में युद्ध पर समझौते का आह्वान किया, प्रगति के संकेत सामने आये
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तेल अवीव/दुबई. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल और हमास के बीच समझौते को लेकर बनती सहमति के बीच रविवार को गाजा में युद्ध विराम वार्ता में प्रगति लाने की अपील की. उन्होंने एक ऐसे समझौते का आ”ान किया, जो 20 महीने से जारी युद्ध को रोक देगा.

इजराइल के एक अधिकारी ने बताया कि आने वाले हफ्तों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा की योजना बनाई जा रही है, जो इस बारे में संकेत है कि एक नये समझौते पर काम हो सकता है. ट्रंप ने रविवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “गाजा में समझौता करें. बंधकों को वापस करो.” अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को समझौते की उम्मीदें बढ़ाते हुए कहा था कि अगले सप्ताह युद्ध विराम समझौता हो सकता है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हम गाजा पर काम कर रहे हैं और इस मामले को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.” ट्रंप ने इजराइल और हमास से गाजा में युद्ध समाप्त करने का बार-बार आ”ान किया है. इजराइल और हमास के बीच वार्ता एक प्रमुख मुद्दे पर बार-बार विफल हो रही है, कि क्या संघर्ष को किसी युद्ध विराम समझौते के तहत समाप्त किया जाना चाहिए.

हमास के अधिकारी महमूद मरदावी ने नेतन्याहू पर समझौते की प्रगति में बाधा डालने का आरोप लगाया तथा टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर कहा कि इजराइली नेता एक अस्थायी समझौते पर जोर दे रहे हैं, जिसके तहत केवल 10 बंधकों को रिहा किया जाएगा.
नेतन्याहू के प्रवक्ता उमर दोस्तरी ने मरदावी के दावे पर टिप्पणी किए बिना कहा कि ”युद्ध समाप्त करने में हमास ही एकमात्र बाधा है.” गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में इजराइली गोलीबारी में 88 और लोग मारे गए, जिससे 20 महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56,500 हो गई.
इजराइली सेना ने रविवार को उत्तरी गाजा के बड़े हिस्से से फलस्तीनियों को सामूहिक रूप से निकालने का आदेश दिया.

तेहरान की कुख्यात एविन जेल पर इजराइली हमले में कम से कम 71 लोगों की मौत

ईरान की न्यायपालिका ने रविवार को कहा कि तेहरान की कुख्यात एविन जेल पर गत सोमवार को इजराइल द्वारा किए गए हमले में कम से कम 71 लोग मारे गए थे. इस जेल में कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं को रखा गया है. सरकारी समाचार एजेंसी ‘मिजान’ की वेबसाइट पर रविवार को प्रसारित खबर में न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने कहा कि मारे गए लोगों में कर्मचारी, सैनिक, कैदी और मिलने आए परिवारों के सदस्य शामिल हैं. हालांकि उन्होंने इनकी अलग-अलग संख्या नहीं बताई. न्यायपालिका के इस दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती.

इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम प्रभावी होने से एक दिन पहले 23 जून को हुए हमले में जेल की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं. जहांगीर ने बताया कि घायलों में से कुछ का मौके पर ही इलाज किया गया, जबकि अन्य को अस्पताल ले जाया गया. हमले के दिन न्यूयॉर्क आधारित ‘सेंटर फॉर ‘ूमन राइट्स इन ईरान’ ने जेल पर हमला करने के लिए इजराइल की आलोचना की थी.

समूह ने साथ ही कहा था कि ईरान कानूनी रूप से एविन में बंद कैदियों की सुरक्षा के लिए बाध्य है और हमले के बाद तेहरान के अधिकारियों द्वारा ”निकासी अभियान संचालित करने, चिकित्सा सहायता प्रदान करने या परिवारों को सूचित करने में नाकाम” रहने पर उनकी आलोचना की थी.

इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उसके कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर 13 जून को हमला किया था. इजराइल ने दावा किया कि उसने आठ परमाणु केंद्रों और 720 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जिसमें लगभग 30 ईरानी कमांडर और 11 परमाणु वैज्ञानिक मारे गए. वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह के अनुसार कम से कम 417 नागरिकों समेत 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई है.

 

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