कालीगंज विस्फोट के पीड़ित के परिवार को पैसे देने की कोशिश : तृकां विधायक को कारण बताओ नोटिस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 26 Jun 2025 09:43 PM
कालीगंज विस्फोट के पीड़ित के परिवार को पैसे देने की कोशिश : तृकां विधायक को कारण बताओ नोटिस
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (तृकां) ने नदिया जिले में हाल ही में हुए बम विस्फोट में मारी गई नाबालिग लड़की के परिवार से मिलने और पार्टी को सूचित किए बिना कथित तौर पर उन्हें पैसे देने की कोशिश करने के लिए पार्टी विधायक हुमायूं कबीर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी और पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा के विधायक कबीर ने कहा कि वह बुधवार को कालीगंज निर्वाचन क्षेत्र में मृतक के घर एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि एक गैर-सरकारी संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर गए थे.
प्रदेश की कालीगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी की जीत के बाद तृणमूल समर्थकों द्वारा आयोजित विजय उत्सव के दौरान बम विस्फोट में 13 वर्षीय तमन्ना खातून की 23 जून को मौत हो गई थी.

लड़की के परिवार के लोग कथित तौर पर माकपा के समर्थक हैं और उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर तृणमूल का समर्थन नहीं करने के प्रतिशोध में राजनीति से प्रेरित हमला करने का आरोप लगाया है. कबीर ने पीड़िता की मां सबीना यास्मीन को कथित तौर पर पैसे से भरा एक लिफाफा देने की कोशिश की. हालांकि, उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया और बाद में आरोप लगाया कि विधायक ने पैसे से उनका मुंह बंद करने की कोशिश की.

यास्मीन ने संवाददाताओं से कहा, ”उन्होंने मुझे एक सीलबंद लिफाफा दिया जिसमें पैसे और एक फोन नंबर था. मैंने उससे कहा कि हमारे पास जमीन है, घर है – हमें पैसे की जरूरत नहीं है. मुझे अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए, पैसे नहीं.” उन्होंने कहा, ”अगर विधायक (कोई) महिला होती, तो मैं उसके बाल नोच लेती.” इस घटना के बाद से विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद तृकां नेतृत्व ने कबीर से स्पष्टीकरण मांगा.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि की कि कबीर को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है और उन्हें 72 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है. तृकां नेता ने बृहस्पतिवार को कहा, ”हुमायूं कबीर ने पीड़िता के घर का दौरा किया और पार्टी की जानकारी या मंजूरी के बिना पैसे देने का प्रयास किया. उनके कार्यों का पार्टी ने समर्थन नहीं किया है. इसलिए उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है.” इस बारे में कबीर ने कहा कि उन्हें अभी तक नोटिस नहीं मिला है, लेकिन मीडिया और अन्य लोगों से इसकी जानकारी मिली है. उन्होंने दावा किया कि वह कालीगंज में पार्टी प्रतिनिधि के तौर पर नहीं बल्कि एक गैर-सरकारी संगठन की ओर से गए थे, जिससे वह जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा, ”पार्टी को इसकी जानकारी नहीं दी गई, क्योंकि यह कोई राजनीतिक दौरा नहीं था.”

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