UPI : मिल सकती है टैक्स में बड़ी राहत! छोटे कारोबारियों के लिए GST काउंसिल ले सकती है बड़ा फैसला

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Fri, 25 Sep 2026 02:12 PM
UPI : मिल सकती है टैक्स में बड़ी राहत! छोटे कारोबारियों के लिए GST काउंसिल ले सकती है बड़ा फैसला

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आगामी 7 अक्टूबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में कुछ बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर GST से राहत देने के तरीकों पर चर्चा हो सकती है, खासकर उन छोटे व्यापारियों के लिए जो GST के तहत रजिस्टर्ड नहीं हैं. GST नियमों के तहत, जिन व्यवसायों का सालाना टर्नओवर सामान के लिए 40 लाख रुपए या सेवाओं के लिए 20 लाख रुपए से कम है, उन्हें आम तौर पर रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होती है. बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यवसाय इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा नहीं कर सकते हैं. इसलिए, जब UPI ट्रांजैक्शन पर MDR पर GST लगता है, तो छोटे व्यवसाय अतिरिक्त टैक्स लागत की भरपाई नहीं कर पाते हैं.

15 अक्टूबर से, 2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, और MDR पर 18 प्रतिशत GST लगेगा. MDR का पूरा बोझ व्यापारी पर पड़ता है और ट्रांजैक्शन सेटल होने पर बैंक इसे काट लेता है. पिछले हफ्ते, सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि कंपनियां ITC रूट के जरिए MDR पर चुकाए गए GST का दावा कर सकती हैं, बशर्ते वे टैक्स अधिकारियों के पास रजिस्टर्ड हों और ऐसे सामान और सेवाएं सप्लाई करती हों जो GST से छूट प्राप्त नहीं हैं. सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कई छोटे व्यापारी अधिकारियों के पास रजिस्टर्ड नहीं हैं. वे ITC फायदे के लिए अयोग्य हो सकते हैं. अधिकारी ने आगे कहा कि काउंसिल ऐसे तरीके पर चर्चा कर सकती है जिससे ऐसे व्यवसायों पर “बहुत ज्यादा असर” न पड़े.

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि UPI MDR पर लगने वाले GST के लिए एक ही नियम सभी पर लागू नहीं हो सकता. GST-रजिस्टर्ड व्यवसाय के लिए, MDR पर 18 प्रतिशत GST आम तौर पर ITC के तौर पर उपलब्ध होगा (बशर्ते सामान्य शर्तें पूरी हों, जैसे छूट वाली सप्लाई न करना), इसलिए यह फाइनल कॉस्ट नहीं बन सकता है. लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यापारी के लिए ITC का दावा करने का कोई तरीका नहीं है, जिसका मतलब है कि वही GST सीधे तौर पर व्यवसाय की कॉस्ट बन जाता है.

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि UPI MDR पर GST का व्यापारियों पर अलग-अलग असर पड़ेगा. GST-रजिस्टर्ड व्यवसायों के लिए, MDR पर GST आम तौर पर ITC के तौर पर उपलब्ध होगा, और शायद अंतिम लागत न बने. लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यापारी टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते.

AKM ग्लोबल के इनडायरेक्ट टैक्स हेड, इकेश नागपाल ने मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि हो सकता है कि किसी व्यापारी को GST के तहत रजिस्टर करने की ज़रूरत न हो, लेकिन फिर भी वह MDR फ्रेमवर्क के दायरे में आ सकता है और उसे MDR पर GST का बोझ उठाना पड़ सकता है, जिसे वसूलने का कोई तरीका भी न हो. यहीं पर काउंसिल का तरीका मायने रखेगा. नागपाल ने आगे कहा कि फ्रेमवर्क आसान और व्यावहारिक इनवॉइसिंग सिस्टम वाला होना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि अगर व्यापारी को जरूरी इनवॉइस नहीं मिलता है या उपलब्ध नहीं होता है, तो ITC का फायदा भी खो सकता है.

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