UPSC ने IAS पूजा खेडकर के खिलाफ जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Jul 2024 08:09 PM
UPSC ने IAS पूजा खेडकर के खिलाफ जालसाजी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी
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नयी दिल्ली/पुणे/वाशिम. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की, जिनमें फर्जी पहचान के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है. आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2023 बैच की अधिकारी खेडकर पर हाल में पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने और सिविल सेवा में चयन के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था. खेडकर पर एक निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर रौब गांठने का आरोप है. खेडकर द्वारा उपयोग की जा रही इस लग्जरी कार पर ‘महाराष्ट्र शासन’ भी लिखा हुआ था. पुणे के जिला कलेक्टर द्वारा मामला उठाए जाने के बाद खेडकर को विदर्भ क्षेत्र के वाशिम जिला कलेक्टर कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया.

आयोग ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, ”यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए चयनित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के संबंध में विस्तृत और गहन जांच की है.” इसमें कहा गया है कि जांच से पता चला है कि खेडकर ने अपना नाम, अपने माता-पिता का नाम, अपनी तस्वीर/हस्ताक्षर, अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर पहचान छिपाई और परीक्षा नियमों के तहत अनुमेय सीमा से अधिक प्रयासों का लाभ उठाया. बयान के मुताबिक, यूपीएससी ने खेडकर के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराके आपराधिक मुकदमा चलाने सहित कई कार्रवाई शुरू की हैं. आयोग ने कहा कि वह अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने में सख्ती से मानदंडों का पालन करता है.

बयान में कहा गया, ”यूपीएससी ने जनता, खासकर अ्भ्यियथयों से उच्च स्तर का विश्वास और विश्वसनीयता अर्जित की है. आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि विश्वसनीयता का यह उच्च स्तर बरकरार रहे और इसमें कोई समझौता न हो.” पूजा खेडकर सिविल सेवा परीक्षा के समय दिए गए दिव्यांगता और ओबीसी प्रमाण पत्र को लेकर सवालों के घेरे में हैं. इस मामले की जांच को लेकर केंद्र ने 11 जुलाई को एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. यूपीएससी के रिकॉर्ड के अनुसार, खेडकर को दिव्यांग व्यक्ति के रूप में ओबीसी श्रेणी के तहत सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 821वीं रैंक मिली थी.

पूजा खेडकर वाशिम से रवाना हुईं, कहा- जल्द लौटूंगी

विवादित आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर अपने खिलाफ संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की कार्रवाई शुरू होने के कुछ देर बाद वाशिम से रवाना हो गईं. यूपीएससी ने उनके खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की हैं, जिनमें फर्जी पहचान के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है.

पुणे में प्रशिक्षण के दौरान शक्तियों और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने की आरोपी खेडकर ने वाशिम में सरकारी विश्राम गृह के बाहर एकत्रित संवाददाताओं से कहा, “न्यायपालिका अपना काम करेगी.” उन्होंने इसी महीने की शुरूआत में वाशिम में ड्यूटी शुरू की थी.

निजी कार में सवार होकर नागपुर रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं जल्द लौटूंगी.” पुणे के जिलाधिकारी सुहास दिवासे ने वरिष्ठ अधिकारियों को खेडकर के आचरण के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद उन्हें पुणे से वाशिम में अतिरिक्त सहायक जिलाधिकारी के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया था.

खेडकर पुणे में अपनी महंगी ऑडी कार में घूमती थीं, जिस पर उन्होंने अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, ‘महाराष्ट्र सरकार’ का स्टिकर लगा रखा था और कथित तौर पर एक ठेकेदार की मदद से वीआईपी वाहन पंजीकरण संख्या भी हासिल की थी. आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया.

परिवीक्षाधीन आईएएस खेडकर की मां से संबद्ध इंजीनियरिंग कंपनी सील

पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निकाय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की विवादास्पद परिवीक्षाधीन अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा से जुड़ी एक इंजीनियरिंग कंपनी को लगभग दो लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया होने पर शुक्रवार को सील कर दिया. नगर निकाय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. एक आपराधिक मामले में मनोरमा खेडकर फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में हैं.
पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) ने संपत्ति का बकाया न चुकाने पर तलावडे क्षेत्र में स्थित बंद पड़ी कंपनी थर्मोवेरिटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सील कर दिया.

उल्लेखनीय है कि पूजा खेडकर ने आरक्षण के तहत सिविल सेवाओं में चयन के लिए पिंपरी-चिंचवाड़ स्थित यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (वाईसीएम) में दिव्यांगता प्रमाण पत्र की खातिर आवेदन करते समय अपने आवासीय पते के रूप में इंजीनियरिंग कंपनी का पता दिया था.

पीसीएमसी आयुक्त शेखर सिंह ने कहा, ह्लथर्मोवेरिटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का 2022-2023 और 2023-2024 का संपत्ति कर पिछले दो वर्षों से लंबित है. साथ ही चालू वर्ष का बकाया भी लंबित है. चूंकि 2023 में उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया था, इसलिए पहले उन्हें (मालिक को) नोटिस जारी किया गया और बाद में क्रमिक कदम के रूप में, हमने सबसे पहले उनका पानी का कनेक्शन काट दिया. पिछले दो वर्षों से बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए अगले कदम के रूप में हमने संपत्ति को सील कर दिया है.ह्व उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों का कुल बकाया 1.96 लाख रुपये है और यदि चालू वर्ष का बकाया भी जोड़ दिया जाए तो लंबित राशि 2.77 लाख रुपये हो जाती है.

पुणे ग्रामीण पुलिस ने मुलशी तहसील के धाडवाली गांव में 2023 में भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोप में मनोरमा खेडकर को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की, जिनमें फर्जी पहचान पत्र के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है.

आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया. 2023 बैच की आईएएस अधिकारी खेडकर पर हाल में पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने और सिविल सेवा में चयन के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था.

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