सामाजिक न्याय के आदर्शों के खिलाफ है, EWS के लिए 10% आरक्षण : तमिलनाडु सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 09 Jan 2023 08:23 PM
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चेन्नई. तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान राज्य में नहीं किया जाएगा क्योंकि यह सामाजिक न्याय के आदर्शों के खिलाफ है. सरकार ने कहा कि राज्य मौजूदा आरक्षण नीति (69 प्रतिशत) को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

विधानसभा पटल पर पेश राज्यपाल आर.एन.रवि के भाषण की प्रति के मुताबिक, ‘‘ तमिलनाडु ने राज्य में सामाजिक न्याय और सामजिक रूप से पिछड़े वर्गों के उन्नयन के लिए विशेष आरक्षण प्रणाली लागू की है. यह सरकार राज्य में मौजूदा आरक्षण नीति को जारी रखेगी क्योंकि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण सामाजिक न्याय के आदर्शों के खिलाफ है.’’ बयान में कहा गया कि तमिलनाडु पिछड़ा वर्ग आर्थिक विकास निगम और तमिलनाडु अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम के जरिये 210 करोड़ रुपये का ऋण मुहैया कराने के लिए कदम उठाए गए हैं ताकि सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों का आर्थिक विकास हो सके.

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