नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा को फेमा कानून के कथित उल्लंघन के एक मामले में समन जारी कर अगले सप्ताह पेश होने को कहा है. आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि 49 वर्षीय मोइत्रा को दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में 19 फरवरी को पेश होने को कहा है.
सूत्रों ने बताया कि मोइत्रा के पेश होने पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया जा सकता है. मोइत्रा के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भी जांच कर रही है. वह लोकपाल द्वारा मामला भेजे जाने पर मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की प्राथमिक जांच कर रही है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर उपहार के बदले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर अडाणी समूह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था. उन्होंने मोइत्रा पर वित्तीय लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को दांव पर लगाने का भी आरोप लगाया है. मोइत्रा को पिछले साल दिसंबर में इस मुद्दे पर लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था. मोइत्रा ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया और दावा किया कि उन्हें अडाणी समूह के बारे में सवाल पूछने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है.
महुआ मोइत्रा ने सवाल के बदले पैसे लेने के मामले में सीबीआई के प्रश्नों का जवाब दिया
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता और लोकसभा की पूर्व सदस्य महुआ मोइत्रा ने सदन में सवाल पूछने में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीबीआई की प्रश्नावली पर अपना जवाब भेज दिया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सीबीआई प्रतिक्रिया पर गौर कर रही है जिसके बाद वह भ्रष्टाचार रोधी लोकपाल को एक रिपोर्ट भेजेगी, जिसने मामला एजेंसी को भेजा था. एजेंसी लोकपाल के निर्देश पर मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की प्रारंभिक जांच कर रही है.
उन्होंने बताया, समझा जाता है कि सीबीआई ने मामले के सिलसिले में वकील जय देहाद्राई और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से भी पूछताछ की है. ‘पीटीआई-भाषा’ ने मोइत्रा की प्रतिक्रिया के लिए उन्हें प्रश्न भेजे, जिनका जवाब नहीं आया है जबकि सीबीआई ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है.
भाजपा के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर अडाणी समूह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर उपहार के बदले लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था. उन्होंने मोइत्रा पर आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगाया था. मोइत्रा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने अडाणी समूह के सौदों पर सवाल उठाए थे.
मोइत्रा ने नवंबर में ‘एक्स’ पर लिखा था, ह्लन तो लोकपाल ने लोकपाल कानून के तहत अपनी वेबसाइट पर मामले से जुड़ा कोई आदेश अपलोड किया है और न ही सीबीआई ने आधिकारिक रूप से कुछ बताया है. हमेशा के मीडिया सर्कस की तरह ह्लसूत्रह्व पत्रकारों को जानकारी दे रहे हैं. उम्मीद है कि मुझे निशाना बनाने से पहले 13,000 करोड़ रुपये का अडाणी कोयला घोटाला सीबीआई की प्रारंभिक जांच का विषय बनेगा.”