अमेरिकी लेखक से तू-तू मैं-मैं पर NCW प्रमुख ने कहा : भारत महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 04 Mar 2024 09:01 PM
अमेरिकी लेखक से तू-तू मैं-मैं पर NCW प्रमुख ने कहा : भारत महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर
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नयी दिल्ली/रांची/दुमका. झारखंड में स्पेन की एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा और एक अमेरिकी लेखक के बीच तीखी तू-तू मैं-मैं हुई और इस दौरान शर्मा ने जोर दिया कि भारत महिलाओं की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है.

रेखा शर्मा ने झारखंड के दुमका में स्पेन की एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर कथित तौर पर देश को बदनाम करने के लिए अमेरिका निवासी लेखक पर सोमवार को निशाना साधा. शर्मा ने कहा कि भारत महिलाओं की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है और समय-समय पर लागू किये गये कड़े कानून इसका सबूत हैं.

लेखक डेविड जोसेफ वोलोड्जको ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपनी महिला मित्रों को सलाह दी है कि वे अकेले भारत की यात्रा नहीं करें. दुमका जिले में स्पेन की एक महिला पर्यटक से कथित सामूहिक बलात्कार के बाद डेविड का यह पोस्ट सामने आया. डेविड ने दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें एक महिला के साथ छेड़छाड़ से संबंधित घटना भी शामिल है.

शर्मा ने ‘एक्स’ पर जवाब देते हुए कहा, ”क्या आपने कभी पुलिस को घटना की सूचना दी? यदि नहीं, तो आप पूरी तरह से गैर-जिम्मेदार व्यक्ति हैं. केवल सोशल मीडिया पर लिखना और पूरे देश को बदनाम करना अच्छा विकल्प नहीं है.” डेविड ने इसके जवाब में कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र करने, भीड़ द्वारा पिटाई और बलात्कार के विश्वसनीय आरोपों पर महिला अधिकार समूहों द्वारा दायर शिकायतों का जवाब देने में विफल रहने के लिए शर्मा को खुद आलोचना का सामना करना पड़ा है.

डेविड ने कहा, ”वह मुझ पर भारत को बदनाम करने का आरोप लगा रही हैं. शर्मा, भारत को बदनाम करने का काम आपने किया है क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग नामक एक संगठन की अध्यक्ष रहने के बावजूद आपने इस मुद्दे पर कुछ नहीं किया…और फिर इस महत्वपूर्ण मामले पर ध्यान आर्किषत करने के लिए मेरे जैसे लोगों की आलोचना की.” दोनों के बीच जुबानी जंग लगातार बढ.ती गई.

पोस्ट के जवाब में शर्मा ने कहा, ”एक पोस्ट के जरिए पूरे देश को बदनाम करना न केवल गलत है, बल्कि अस्वीकार्य भी है, क्योंकि आंकड़े कुछ और ही कहते हैं. इस घटना की अधिक से अधिक निंदा करने की जरूरत है और अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए, मैं कुछ सांख्यिकीय संकेतक साझा करना चाहता हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि इस पोस्ट को हटाएं.” शर्मा ने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक, हर साल 60 लाख से अधिक पर्यटक भारत आते हैं, जिनमें से कई अकेली महिलाएं होती हैं.

उन्होंने कहा, ”… और वे सुरक्षित रूप से छुट्टियां मनाते हैं क्योंकि भारत महिलाओं की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है, जो समय के साथ कड़े कानूनों के कार्यान्वयन से साबित होता है. भारत यौन उत्पीड़न को एक बहुत गंभीर अपराध के रूप में देखता है, और उन देशों को भी ऐसा करना चाहिए जिन्होंने अब तक ‘डेट बलात्कार’ को अपराध मानने पर विचार नहीं किया है.” शर्मा ने कहा कि एनसीडब्ल्यू दुमका की घटना की निंदा करता है और शिकायत दर्ज कराने के चार घंटों के अंदर ही आयोग ने पीड़िता से संपर्क किया था.

उन्होंने कहा, ” मैं अपनी बात दोहराना चाहूंगी कि जब कोई अपराध होता है तो प्राथमिकी दर्ज करना महत्वपूर्ण है ताकि अपराधियों को जल्दी पकड़ा जा सके. मैं इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देख रही हूं और एनसीडब्ल्यू से जिस भी मदद की आवश्यकता होगी वह प्रदान करूंगी.” तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य और पत्रकार सागरिका घोष ने भी शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने एक बार फिर सत्ता के अहंकार और महिलाओं के प्रति चिंता के अभाव को उजागर किया है.

घोष ने एक पोस्ट में कहा, ”किसी देश की बदनामी तब होती है जब महिलाओं पर हमला किया जाता है, न कि तब जब ऐसे अपराधों की रिपोर्ट की जाती है ताकि दोषियों को सजा दी जा सके. एनसीडब्ल्यू सबसे क्रूर तरीके से पीड़िता को शर्मसार करने में लगा हुआ है.” इसके जवाब में शर्मा ने कहा, ”सागरिका सिर्फ विरोध के लिए आप बिना उचित जानकारी के यह लिख रही हैं. दुमका की घटना जैसे ही सामने आई तो राष्ट्रीय महिला आयोग ने तुरंत स्वत: संज्ञान लिया.” शर्मा ने संदेशखालि हिंसा को लेकर घोष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”आप पश्चिम बंगाल से हैं, तो क्या आप संदेशखालि पहुंचकर महिला शिकायतकर्ताओं से मिलीं?”

झारखंड उच्च न्यायालय ने विदेशी पर्यटक से सामूहिक दुष्कर्म पर डीजीपी और मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी

झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को दुमका जिले में एक विदेशी पर्यटक से सामूहिक बलात्कार की घटना का स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मुख्य सचिव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस चन्द्रशेखर और न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की खंडपीठ ने इस संबंध में डीजीपी, मुख्य सचिव और एसपी को नोटिस जारी किया.

एक अधिकारी ने बताया कि इस बीच, दुमका प्रशासन ने सोमवार को सामूहिक बलात्कार पीड़िता के पति को मुआवजे के तौर पर 10 लाख रुपये का चेक सौंपा. उन्होंने उपायुक्त ए डोड्डे और पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार की उपस्थिति में चेक प्राप्त किया.

अधिकारी ने कहा, ”पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई. मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है. हम आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की कोशिश करेंगे.” पीड़िता के पति ने त्वरित कार्रवाई के लिए झारखंड पुलिस को धन्यवाद दिया है. इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

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