देशभर में भले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक दल एकजुट हुए हों, लेकिन उधर असम के लोग ज्ञानेश कुमार के साथ दिखाई देते हैं।
असम में आज हजारों की संख्या में जेनजी युवाओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में विशाल रैली निकाली।
दावा है कि असम के जोरहाट में जनता की गूंज आहवान पर 30 हजार से ज्यादा लोग एक जगह इकटठा होकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में खड़े हुए। उन्होंने एक स्वर में कहा कि असम के आम लोग एस ए आर SIR से बहुत खुश है क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिए असम पर कब्जा कर चुके हैं। SIR का मक़सद इस देश से असंख्य अवैध मजहबी घुसपैठियों को लात मारकर बाहर फेकना था।
लगभग तीस हजार से ज्यादा युवाओं ने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में उतर कर असम की सड़क को भर दिया। असम के Gen Z इसके समर्थन में सड़कों पर हैं- कारण है कि इनका राज्य इसके कारण बच जाएगा अन्यथा अगले पाँच साल में ही डेमोग्राफी के द्वारा निगल लिए जाते।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आंदोलनकारियेां में से एक प्रशांत कुमार ने कहा कि इन्हीं बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने न सिर्फ कांग्रेस पार्टी छोड़ा था बल्कि संसद से इस्तीफा देकर अपने कागज फाड़कर स्पीकर के मुंह पर फेंक कर संसद से बाहर निकली थी कि कांग्रेस पार्टी घुसपैठियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और अब कांग्रेस पार्टी घुसपैठियो का नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से नहीं हटा रही!