नयी दिल्ली. चिंतन शिविर में राहुल गांधी की एक टिप्पणी को लेकर कुछ क्षेत्रीय दलों की ओर से आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बृहस्पतिवार को इन दलों को परोक्ष रूप से संदेश देते हुए कहा कि गठबंधन करने का मतलब ‘वीआरएस’ (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेना नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने राष्ट्रीय संदर्भ में अपनी बात रखी थी और यह भी सच्चाई है कि आज भारतीय जनता पार्टी के अलावा कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जिसकी अखिल भारतीय स्तर पर उपस्थिति है.
राहुल गांधी ने राजस्थान के उदयपुर में 13-15 मई को आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर में कहा था कि क्षेत्रीय दलों की अपनी जगह है, लेकिन वे भाजपा को नहीं हरा सकते क्योंकि उनके पास विचारधारा का अभाव है. राहुल गांधी की इस टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (सेक्युलर) जैसे कुछ क्षेत्रीय दलों ने आपत्ति जताई थी. राजद प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा था कि क्षेत्रीय दल भाजपा के खिलाफ लड़ाई में लोकसभा में बड़ी संख्या में सीटों के साथ मजबूत स्थिति में हैं और कांग्रेस को लोकसभा की 543 सीटों में से 320 में से अधिक पर क्षेत्रीय दलों के सदस्यों को देखते हुए उन्हें ‘ड्राइंिवग सीट’ पर रहने देना चाहिए और खुद ‘सहयात्री’ बन जाना चाहिए.
जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच डी कुमारस्वामी ने कहा था कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों से डर महसूस कर रही है. राहुल गांधी की टिप्पणी पर कुछ क्षेत्रीय दलों की तीखी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘राहुल गांधी जी की बात को संदर्भ से हटकर देखा जा रहा है. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से मुकाबले की बात की है. इसमें तो कोई दो राय नहीं है कि आज भाजपा के अलावा कांग्रेस की एकमात्रा ऐसी पार्टी है जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति है. राष्ट्रीय स्तर पर हम ही भाजपा का मुकाबला कर सकते हैं.’’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘गठबंधन का मतलब वीआरएस लेना नहीं है.’’ कांग्रेस के इस सूत्र का यह भी कहना था, ‘‘गठबंधन दो तरह के होते हैं- एक राज्य स्तर पर और दूसरा राष्ट्रीय स्तर पर. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, झारखंड जैसे राज्यों में हमारा प्रदेश स्तर पर गठबंधन है. बिहार में भी गठबंधन की स्थिति लगभग स्पष्ट है. पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हमें गठबंधन के संदर्भ में विचार करना और निर्णय लेना है.’’ उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की बात करना अभी जल्दबाजी होगा.
कांग्रेस के एक सूत्र ने यह भी कहा कि कांग्रेस संगठन में सुधारों के माध्यम से खुद को मजबूत करने और अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपने आप को तैयार करने की कोशिश कर रही है. गठबंधन की बात बाद में होगी. कांग्रेस ने ंिचतन शिविर के बाद जारी अपने ‘उदयपुर नवसंकल्प’ में समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ संपर्क स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा था कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप गठबंधन का विकल्प उसने खुला रखा है.
कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 3500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी
देश में ‘धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति’ के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के मकसद से निकाली जाने वाली कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ लगभग 3500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इसमें समाजिक सौहार्द का संदेश देने के साथ-साथ ‘संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सरकारी संपत्तियों को बचाने’ का भी आ’’ान किया जाएगा. पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने यह भी बताया कि यह यात्रा दो अक्टूबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से आरंभ होगी और 12 राज्यों से होते हुए इसका समापन जम्मू-कश्मीर में होगा तथा इसके पूरा होने में पांच से साढ़े पांच महीने का समय लगेगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि इस यात्रा को निकालने की तैयारी के साथ ही ‘उदयपुर नवसंकल्प’ में किए गए निर्णयों को अमलीजामा पहनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं तथा पार्टी की मीडिया एवं संचार से जुड़ी रणनीति में आमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि संगठन में 50 प्रतिशत स्थान 50 साल से कम उम्र के लोगों के देने के फैसले पर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा.
उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन-चार महीनों के भीतर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और जिला कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर बदलाव होंगे और इनमें औसत उम्र 45 साल या इससे भी कम हो सकती है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस कार्य समिति के स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने में समय लग सकता है, क्योंकि इसमें वरिष्ठ नेताओं की मौजदूगी और कई अन्य पहलुओं को देखना होता है.’’
कांग्रेस के नेता ने कहा, ‘‘हाल के महीनों में पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में जिन नेताओं को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया, उनकी उम्र 35 से 50 साल के बीच में है. कांग्रेस युवाओं को लगातार मौके दे रही है.’’ कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि 15 जून से महंगाई और बेरोजगारी के विषय पर पार्टी के ‘जनजागरण अभियान’ का दूसरा चरण आरंभ होगा और जिला स्तर पर चलेगा. उनके मुताबिक, कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और समाज के अलग-अलग हिस्सों को साथ लेने का प्रयास होगा.
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस नेतृत्व अगले कुछ हफ्तों के भीतर कांग्रेस के उन 120 पदाधिकारियों के साथ लंबा मंथन करेगा, जो पार्टी के ंिचतन शिविर में शामिल नहीं हो सके थे.
सूत्रों ने कहा, ‘‘कांग्रेस के ंिचतन शिविर में 430 लोगों को आमंत्रित किया गया. प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के करीब 70 कार्यकारी अध्यक्ष, 15-16 राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा कुछ राज्यों में हमारी पार्टी से संबंधित मंत्री ंिचतन शिविर में शामिल नहीं हो सके थे. इनके साथ कुछ हफ्तों में कांग्रेस नेतृत्व बैठक करेगा.’’ ंिचतन शिविर के समापन के दिन ‘उदयपुर नवसंकल्प’ को सिर्फ ंिहदी भाषा में जारी किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह रणनीति के तहत किया गया था. लंबे समय बाद ऐसा हुआ है कि कांग्रेस का कोई संकल्प सिर्फ ंिहदी में जारी किया गया. देश में 200 से अधिक लोकसभा सीट ऐसी हैं, जहां भाजपा से कांग्रेस का सीधा मुकाबला है और इनमें अधिकतर सीट ंिहदी भाषी राज्यों से आती है. इसलिए ंिहदी भाषा में संकल्प जारी करने का महत्व है.’’