विरोधी हमसे सीधा मुकाबला करने में असमर्थ, अब फर्जी वीडियो कर रहे हैं प्रसारित: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 29 Apr 2024 07:07 PM
विरोधी हमसे सीधा मुकाबला करने में असमर्थ, अब फर्जी वीडियो कर रहे हैं प्रसारित: मोदी
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सतारा/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं, वे अब सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो फैलाने के लिए तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं. पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड में एक चुनावी रैली में मोदी ने सोशल मीडिया और तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई.

मोदी ने कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग कर बनाए गए फर्जी वीडियो के सामने आने की बात की और लोगों से सतर्क रहने और फर्जी वीडियो के किसी भी मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को देने के लिए कहा. मोदी ने कहा, ”विरोधी सामाजिक कलह पैदा करने के लिए मेरे, अमित शाह और जे पी नड्डा जैसे नेताओं के उद्धरणों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”तकनीक का इस्तेमाल कर मेरी आवाज में ये लोग फर्जी वीडियो बना रहे हैं, जिससे खतरा पैदा हो रहा है. अगर आपको कोई फर्जी वीडियो दिखाई दे तो पुलिस को सूचित करें.” मोदी ने दावा किया कि अगले एक महीने में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना है.

उन्होंने कहा, ”ऐसे फर्जी वीडियो से समाज को बचाना हमारी जिम्मेदारी है. मैं निर्वाचन आयोग से अनुरोध करना चाहता हूं कि इस तरह के फर्जी वीडियो के पीछे जो लोग हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.” मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 40 साल तक सैनिकों के परिवारों को ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना से वंचित रखा. उन्होंने कहा कि जहां पूरे भारत में दलितों को आरक्षण मिला वहीं कश्मीर में वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस उन्हें आरक्षण से वंचित कर रही थी. मोदी ने कहा, ”मैं जब तक जिंदा हूं, मैं संविधान और धर्म आधारित आरक्षण में बदलाव नहीं होने दूंगा.”

प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिका खारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छह साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. याचिका में प्रधानमंत्री मोदी पर देवी-देवताओं के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की मांग की गयी थी. न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है और यह पूरी तरह से एक गलत धारणा पर आधारित थी.

याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ता आनंद एस जोंधले ने अपनी याचिका में अदालत से देवी-देवताओं और पूजा स्थलों के नाम पर कथित तौर पर वोट मांगने के लिए मोदी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था. आनंद एस जोंधले ने तर्क दिया कि मोदी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है और यह भारतीय दंड संहिता तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपराध है. देश में इस समय लोकसभा चुनाव हो रहे हैं.

उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिका कई कारणों से पूरी तरह से गलत है. अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने 10 अप्रैल को भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को एक शिकायत प्रस्तुत की थी और आयोग द्वारा शिकायत का निपटारा किए जाने से पहले ही इस अदालत में याचिका दाखिल कर दी गई.

उच्च न्यायालय ने कहा, ”याचिकाकर्ता का मानना है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है. यह पूर्वधारणा पूर्णत? अनुचित है. इस अदालत को यह अनुमति नहीं है कि वह भारत निर्वाचन आयोग को याचिकाकर्ता की शिकायत या उस मामले की किसी अन्य शिकायत पर विशेष दृष्टिकोण अपनाने तथा याचिकाकर्ता द्वारा मांगे गए अनुदेशात्मक निर्देश जारी करने का आदेश दे. ” अदालत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग याचिकाकर्ता की शिकायत पर स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाएगा और यदि वह (शिकायतकर्ता) इससे व्यथित है, तो वह कानून के तहत उपलब्ध उचित उपाय का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र है.

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