लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को ‘एक्सीडेंटल हिंदू’ बताने वाले नेता को देश के निर्माण में योगदान देने वाले हिंदू राजाओं और अयोध्या, काशी तथा मथुरा में मंदिरों को नष्ट करने के जिम्मेदार मुगल बादशाहों के बारे में भी बात करनी चाहिये.
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए)पर कांग्रेस की आपत्ति के बारे में कहा कि यह मानवता का मुद्दा है और कांग्रेस कट्टरपंथियों के दबाव के चलते इसका विरोध कर रही है. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ‘निराधार’ टिप्पणियां करते हैं क्योंकि उन्हें भारतीय इतिहास और भूगोल का उचित ज्ञान नहीं है. जो लोग खुद को एक्सीडेंटल हिंदू कहते थे, अगर वे भारतीय इतिहास और संस्कृति के बारे में बात करेंगे तो यह हास्यास्पद लगेगा.” आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल को भाषण देते समय भारत के निर्माण में योगदान देने वाले चंद्रगुप्त मौर्य, महान अशोक, महाराजा भोज, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी और झांसी की रानी जैसे महान हिंदू शासकों पर भी कुछ टिप्पणियां करनी चाहिए.
आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस नेता को मध्यकाल में मुगल सम्राटों द्वारा किए गए ‘अत्याचार’ याद नहीं हैं. उन्हें (राहुल को) यह बात करनी चाहिए थी कि अयोध्या, काशी और मथुरा में मंदिरों को नष्ट करने के लिए कौन जिम्मेदार था. उन्होंने कहा कि राहुल को अतीत में नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालयों में विनाश के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का भी संदर्भ देना चाहिए.
”सियासी अस्पृश्यता और असहिष्णुता” की सर्वाधिक शिकार भाजपा रही है: नकवी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ”सामंती सुल्तानों की सियासी अस्पृश्यता और असहिष्णुता” की सर्वाधिक शिकार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रहे हैं. नकवी ने यहां आज ‘भारतीय बौद्ध संघ’ के सामाजिक समरसता सम्मेलन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि विपक्षी दलों की कोशिश विफल साबित होगी.
उन्होंने दावा किया कि ”डायनेस्टी की डेपुटेशन (वंशवाद की तदर्थ)” सरकार की नाकामियों, लकवाग्रस्त व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों के सामन्ती अपहरण और ‘कट-कमीशन-करप्शन- कम्यूनलिज्म (हिस्सेदारी, दलाली, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता’ के युग को देश आज भी नहीं भूल पाया है.
नकवी का कहना था कि स्वतंत्रता के बाद से ”सामंती सुल्तानों की सियासी अस्पृश्यता और असहिष्णुता” की सर्वाधिक शिकार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘करप्शन की विरासत’ और ‘कम्युनल सियासत’ को ध्वस्त कर नरेन्द्र मोदी “सुशासन, समावेशी विकास और स्थायित्व के जांचे, परखे, खरे, जननायक साबित हुए हैं. ऐसे जननायक के सुशासन संकल्प को सामन्ती सनक-साज.शि से कमजोर नहीं किया जा सकता.” भाषा हक