नयी दिल्ली. कांग्रेस ने दिल्ली के ‘ओल्ड राजेंद्र नगर’ इलाके में एक कोचिंग संस्थान की इमारत के ‘बेसमेंट’ में पानी भरने के कारण तीन विद्यार्थियों की मौत होने के मामले में जवाबदेही तय किए जाने की रविवार को मांग की और पार्टी नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर स्तर पर संस्थानों की गैर-जिम्मेदारी की कीमत आम लोग चुका रहे हैं. मध्य दिल्ली के ‘ओल्ड राजेंद्र नगर’ इलाके में शनिवार को भारी बारिश के बाद एक कोचिंग सेंटर के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन अ्भ्यियथयों की मौत हो गई.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि सरकार और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही के कारण राजधानी में एक आईएएस कोचिंग संस्थान के ‘बेसमेंट’ में पानी भरने की वजह से तीन युवाओं की जान चली गई. उन्होंने कहा, ”हम शोकसंतप्त परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.” उन्होंने बताया कि इससे पहले, पटेल नगर में जलभराव के बाद करंट लगने से एक सिविल सेवा परीक्षा के एक अन्य अभ्यर्थी की मौत हो गई थी.
कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ दिन में, करंट लगने से आठ लोगों की जान गई है. दिल्ली को कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाया था. आज भारत की राजधानी उदासीनता का दंश झेल रही है. आए दिन हादसे होते रहते हैं.” उन्होंने कहा, ”देश की राजधानी में इस तरह का हादसा होना हम सभी के लिए अत्यंत चिंता की बात है. हमें हमारी राजधानी को बेहतर बनाना होगा ताकि हमारे नागरिक सुरक्षित रहें और यहां रहने व आने वालों को ये भरोसा हो कि देश की राजधानी में उनकी उपेक्षा नहीं होगी.”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”दिल्ली की एक इमारत के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने के कारण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन अ्भ्यियथयों की मौत बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. कुछ दिन पहले बारिश के दौरान करंट लगने से एक अभ्यर्थी की मौत हो गई थी. सभी शोकाकुल परिजनों के प्रति भावपूर्ण संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.” उन्होंने कहा, “इस तरह का असुरक्षित निर्माण, तंत्र की साझा असफलता है. असुरक्षित निर्माण, लचर नगर नियोजन और हर स्तर पर संस्थाओं के गैर-जिम्मेदाराना रुख की कीमत आम लोग अपनी जान गंवाकर चुका रहे हैं.”
राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षित जीवन हर नागरिक का अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकारों का दायित्व है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ”दिल्ली की एक कोचिंग के ‘बेसमेंट’ में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत की घटना हृदयविदारक है. दिवंगत आत्माओं एवं शोकाकुल परिजनों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती हूं.” उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हाल में पटेल नगर में एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई थी. यह लापरवाही और अव्यवस्था की पराकाष्ठा है कि जो बच्चे दूर-दूर से यहां अपने सपने पूरे करने के लिए आते हैं, उनकी जिंदगी भी उनसे छिन रही है.”
प्रियंका ने कहा, ”यह आपराधिक और गैर-जिम्मेदाराना है. इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और सबसे जरूरी है कि जिन इलाकों में प्रतियोगी छात्र रहते हैं, वहां हर वह निर्माण व गतिविधि जो अवैध और जानलेवा है, उसे दुरुस्त करना चाहिए.” कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली के ‘ओल्ड राजेंद्र नगर’ स्थित कोचिंग सेंटर में हुई त्रासदी ने अंदर तक झकझोर दिया है. उन्होंने कहा, ”मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं.” उन्होंने कहा कि तीन निर्दोष छात्रों की जान पूरी तरह से ”आपराधिक लापरवाही” के कारण गई. उन्होंने कहा कि यह घटना किसी प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं, बल्कि प्राधिकारियों के लालच और उदासीनता के कारण हुई.
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हम इस आपदा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं.” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना को ”मानव निर्मित आपदा” करार दिया. उन्होंने कहा, ”दूर-दूर से छात्र दिल्ली में पढ़ने आते हैं. लेकिन अवैध ढांचों को वैध ढांचों से अलग करने की क्या व्यवस्था है? क्या एमसीडी इस पर गौर कर रहा है? जल निकासी व्यवस्था की क्या स्थिति है? ये सभी सवाल इन मौतों से जुड़े विवादों को जन्म देते हैं.” खेड़ा ने कहा, ”पिछले सप्ताह एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई. क्या हमें दिल्ली आने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार करना चाहिए? कार्रवाई की जानी चाहिए, जवाबदेही तय की जानी चाहिए.” दिल्ली पुलिस ने रविवार को उस कोचिंग सेंटर के मालिक और समन्वयक को गिरफ्तार कर लिया, जिसके ‘बेसमेंट’ में शनिवार को पानी भर जाने के कारण सिविल सेवा परीक्षा के तीन अ्भ्यियथयों की मौत हो गई.