नयी दिल्ली. दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर के ‘बेसमेंट’ में पानी भरने से सिविल सेवा के तीन अ्भ्यियथयों की मौत को विपक्षी दलों ने रविवार को ‘हत्या’ करार दिया और इस घटना को ‘मानव निर्मित आपदा’ करार दिया. विपक्षी दलों ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी (आप) नीत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और सरकार पर हमला बोला. वहीं ‘आप’ ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि विपक्षी दल 15 साल तक नगर निगम में सत्ता में रही लेकिन उसने शहर की जल निकासी व्यवस्था को हमेशा नजरअंदाज किया.
राजेंद्र नगर से विधायक और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा, “हमारी सरकार पिछले एक साल से सत्ता (एमसीडी) में है, और हम जल निकासी पर काम कर रहे हैं. मैं किसी आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहता. मैं चाहता हूं कि निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.” मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में शनिवार शाम भारी बारिश के बाद, कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्कल की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की रहने वाली श्रेया यादव, तेलंगाना की रहने वाली तान्या सोनी और केरल के एर्णाकुलम के रहने वाले नवीन दलविन की मौत हो गई.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने अ्भ्यियथयों की मौत को ‘हत्या’ करार दिया और कहा कि वे (अभ्यर्थी) अपना भविष्य बनाने के लिए यहां आए थे लेकिन ‘भ्रष्टाचार का शिकार’ हो गए. नयी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह (जलभराव) मुद्दा स्थानीय लोगों ने 22 जुलाई और फिर 24 जुलाई को पाठक के सामने उठाया था लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं किया.
उन्होंने दावा किया कि इस घटना को टाला जा सकता था. उन्होंने कहा, ”पाठक और केजरीवाल सरकार की लापरवाही के कारण तीन अभ्यर्थी की मौत हो गई.” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना को ”मानव निर्मित आपदा” करार दिया. उन्होंने कहा, ”दूर-दूर से छात्र दिल्ली में पढ.ने आते हैं. लेकिन अवैध ढांचों को वैध ढांचों से अलग करने की क्या व्यवस्था है? क्या एमसीडी इस पर गौर कर रहा है? जल निकासी व्यवस्था की क्या स्थिति है? ये सभी सवाल इन मौतों से जुड़े विवादों को जन्म देते हैं.” खेड़ा ने कहा, ”पिछले सप्ताह एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई. क्या हमें दिल्ली आने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार करना चाहिए? कार्रवाई की जानी चाहिए, जवाबदेही तय की जानी चाहिए.” ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जलभराव एवं नालों की सफाई पर हुई बैठक का एक वीडियो साझा किया. बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, एमसीडी आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हालांकि यह मेरा विभाग नहीं है लेकिन सवाल से मंत्री भी सहमत थे. इन अधिकारियों का सरकार न तो तबादला कर सकती है और न ही इनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सकती है. केवल दिल्ली के उपराज्यपाल ही कार्रवाई कर सकते हैं.” भारद्वाज ने कहा, “दिल्ली का सच-सभी कह रहे हैं, दिल्ली में नालों और सीवर से गाद निकालने का काम ठीक से नहीं किया गया. इसके चलते पूरी दिल्ली में जलभराव हुआ. उसी जलभराव के चलते दिल्ली में करंट लगने से कई जानें गई. कोचिंग संस्थान की लापरवाही तो है लेकिन दिल्ली के लोगों के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र किया गया है.”
भाजपा नेता सचदेवा ने कहा, “बेसमेंट में लाइब्रेरी कैसे बनी, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा. मुखर्जी नगर में घटना हुई थी, दिल्ली सरकार ने जांच बैठाई थी. जांच का क्या हुआ? दिल्ली की मंत्री आतिशी अभी तक घटनास्थल (राजेंद्र नगर) नहीं पहुंचीं. स्थानीय लोग नालों की सफाई की मांग कर रहे थे. जो भी जिम्मेदार है, उसे सजा मिलनी चाहिए. अ्भ्यियथयों का क्या दोष है?” कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख देवेंद्र यादव ने इलाके का दौरा किया.
उन्होंने कहा, “छात्र आंदोलन कर रहे हैं और वे नेताओं की बात नहीं सुन रहे हैं. उनका आंदोलन सही है क्योंकि उन्होंने अपने साथियों और दोस्तों को खो दिया है. जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए. मैं भी उनकी लड़ाई में हिस्सा लेने आया हूं और न्याय मिलने तक यहां से नहीं जाऊंगा.” पाठक ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने 15 वर्ष तक शहर की जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी की. उन्होंने घटना की पारदर्शी जांच की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय समाधान पर चर्चा की जानी चाहिए.
पाठक ने कहा, “राजेंद्र नगर ही नहीं बल्कि दिल्ली के कई इलाकों में कई लोग बेसमेंट का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस कोचिंग संस्थान में यह घटना हुई, वहां (रास्ते पर) पानी भरा हुआ था. बच्चे बेसमेंट में पढ.ाई कर रहे थे. इसी दौरान एक वाहन वहां से गुजरा और (पानी के दबाव से) बेसमेंट का दरवाजा टूट गया तथा वहां पानी भर गया.” पाठक ने जोर देकर कहा कि संस्थान के पास नाले की सफाई की गई थी फिर भी इसकी पूरी पारर्दिशता के साथ जांच होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, “इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. मैं 20 दिन पहले डीजेबी के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और एमसीडी अधिकारियों से मिला था. मैंने उनसे नालों की सफाई के बारे में बात की थी. मैं अत्याधुनिक मशीन की मांग कर रहा हूं, लेकिन जहां 10 मशीनें लगनी हैं, वहां सिर्फ दो मशीनें ही आ रही हैं.” पाठक ने कहा कि एमसीडी में भाजपा 15 साल तक सत्ता में रही लेकिन दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था खस्ताहाल है.
राजेंद्र नगर से विधायक ने कहा कि भाजपा इस पर राजनीति करेगी लेकिन ‘आप’ उसकी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगी.
उन्होंने कहा, “हमें समाधान तलाशने होंगे.” पाठक ने कहा कि पूरी दिल्ली में निरीक्षण किया जाना चाहिए और हर घर का दौरा किया जाना चाहिए. अगर किसी घर के बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, तो उसे सील करना होगा. पाठक ने कहा कि वे इस मुद्दे पर मंत्रियों से चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा, “डीजेबी के अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. बीस दिन पहले मैं डीजेबी के सीईओ और एमसीडी के अधिकारियों से मिला था. कई जगहों पर सीवर जाम हैं, कई जगहों पर पाइपलाइन टूटी हुई हैं, उन्हें बदलने की जरूरत है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.”