नई दिल्ली: दिल्ली में जंतर-मंतर के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दिल्ली पुलिस अब मोबाइल फोन से शूट किए गए कई वीडियो की जांच कर रही है। इन वीडियो में महिला अधिकारियों और कॉन्स्टेबल समेत पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने की बात सामने आई है।
BNS की धाराओं में FIR की तैयारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस सरकारी कर्मचारियों पर हमले, उनके काम में बाधा डालने और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में FIR दर्ज करेगी। पुलिस वीडियो के जरिए घटनाक्रम की जांच कर रही है और कथित मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
- इंडिया ब्लॉक के नेताओं को बुधवार को जंतर-मंतर जाते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हैं। विपक्षी नेता लगातार दूसरे दिन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जा रहे थे।
- हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, ‘गृह मंत्री अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी, सीईसी ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ये सब कुछ कर सकते हैं, लेकिन हम उन्हें न्याय के कटघरे में लाएंगे। यह मेरी गारंटी है कि इन चारों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। यह सब घबराहट में की गई प्रतिक्रिया है। यह सब डर है।’
इससे पहले प्रियंका गांधी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की भारी मौजूदगी के बीच सड़क पर लेट गईं और विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति दिए जाने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया। प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से कहा, ‘यह है कि वे सांसदों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, जो सिर्फ चुनाव आयुक्त से मिलने की मांग कर रहे हैं।’