नयी दिल्ली. दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में रविवार को विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया गया. ये छात्र इलाके के एक कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले तीन अ्भ्यियथयों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवारों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने ”हमें न्याय चाहिए” जैसे नारे लगाते हुए करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात जाम हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
छात्रों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया और बस में ले जाया गया. प्रदर्शनकारियों के वहां से हटने के बाद पुलिस ने यातायात की आवाजाही फिर से शुरू कर दी. पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नज.र रखने के लिए ‘बॉडी कैमरा’ और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया. पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्षवर्धन ने बताया कि शनिवार शाम से ही ओल्ड राजेंद्र नगर में छात्रों ने घटना के विरोध में सड़क को अवरुद्ध कर दिया था.
अधिकारी ने कहा, ”हम उनकी (प्रदर्शनकारियों की) भावनाओं को समझते हैं और उनके साथ रचनात्मक तरीके से बातचीत कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे. रविवार अपराह्न करीब 2.30 बजे कुछ छात्रों ने करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास पूसा रोड के दोनों तरफ मार्ग को अवरुद्ध कर दिया. यह एक मुख्य सड़क है, जिसके आसपास कई अस्पताल हैं.”
उन्होंने कहा, ”पुलिस और प्रशासन दोनों ने बार-बार छात्रों से मुख्य सड़क को अवरुद्ध न करने का अनुरोध किया. चूंकि उन्होंने एक घंटे के बाद भी मुख्य सड़क को खाली करने से इनकार कर दिया, इसलिए लोगों को हो रही असुविधा और पास के अस्पतालों में अवरोध को देखते हुए उन्हें वहां से हटा दिया गया.” अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में भारी बारिश के बाद कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी र्सिकल की इमारत के बेसमेंट में पानी भर जाने से उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल के एर्नाकुलम के नवीन दलविन की मौत हो गई.
प्रदर्शन स्थल पर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे और कोचिंग छात्र अमन सक्सेना ने कहा, ”यदि अधिकारी हमारी मांगें नहीं मानेंगे तो हम आगे प्रदर्शन करने और अपनी मांगों पर जोर देने के लिए जंतर-मंतर जाएंगे.” सक्सेना ने कहा, ”हम सिर्फ उन तीन छात्रों के लिए न्याय चाहते हैं, जिन्होंने इस घटना में अपनी जान गंवा दी. यहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. हम आतंकवादी नहीं हैं, हम देश का भविष्य हैं और जो सही है, उसकी मांग कर रहे हैं.” वहं, एक अन्य छात्र ने दावा किया कि जिस बेसमेंट में यह घटना हुई, वहां बायोमेट्रिक एंट्री थी, लेकिन इसकी खराबी के कारण छात्र बेसमेंट में फंस गए. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि कोचिंग संस्थानों की खराब स्थिति का मामला संसद में उठाया जाना चाहिए. एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी अमित कुमार ने आग्रह किया कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.