झारखंड में मुंबई-हावड़ा मेल के 18 डिब्बे पटरी से उतरे, दो लोगों की मौत, 22 अन्य घायल

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 30 Jul 2024 08:19 PM
झारखंड में मुंबई-हावड़ा मेल के 18 डिब्बे पटरी से उतरे, दो लोगों की मौत, 22 अन्य घायल
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जमशेदपुर/रांची/कोलकाता/चाईबासा. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में मंगलवार तड़के मुंबई-हावड़ा मेल के 18 डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण दो लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना तड़के पौने चार बजे दक्षिण-पूर्व रेलवे (एसईआर) के चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत जमशेदपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर बड़ाबम्बू के पास हुई. एसईआर के प्रवक्ता ओम प्रकाश चरण ने बताया कि पास में एक मालगाड़ी भी पटरी से उतर गई.

उन्होंने बताया, “नागपुर के रास्ते चलने वाली 22 कोच वाली 12810 हावड़ा-मुंबई मेल के कम से कम 18 डिब्बे चक्रधरपुर मंडल में बड़ाबम्बू स्टेशन के पास पटरी से उतर गए.” चरण ने बताया कि इनमें से 16 यात्री डिब्बे, एक जनरेटर कार और एक पेंट्री कार (रसोई यान) थी. सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए. घायलों में से 18 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और चार लोग अभी चिकित्सकों की निगरानी में हैं.” लुनायत ने बताया कि दुर्घटना के कुछ ही घंटों के भीतर सभी बचाव एवं राहत कार्य पूरे कर लिए गए.

उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं थीं. लुनायत ने नक्सलियों द्वारा रेल पटरी को नुकसान पहुंचाने की किसी भी संभावना से इनकार किया. उन्होंने बताया कि मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया और दूसरी पटरी पर जा गिरा. इसी पटरी पर हावड़ा-मुंबई मेल आ रही थी. अधिकारी ने बताया कि यात्री ट्रेन की मालगाड़ी के डिब्बे से टक्कर हो गयी, जिस कारण 18 डिब्बे पटरी से उतर गए. पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त कुलदीप चौधरी दुर्घटनास्थल पर मौजूद थे और बचाव कार्य की निगरानी में जुटे रहे. दुर्घटनास्थल, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों की सीमा के पास है.

एसईआर के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “घायल यात्रियों को बड़ाबम्बू में चिकित्सा सहायता प्रदान की गई. उन्हें बेहतर उपचार के लिए चक्रधरपुर ले जाया गया.” दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि रेलवे ने 12810 हावड़ा-मुंबई मेल हादसे के दो मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी है. रेलवे ने मामूली रूप से घायल आठ लोगों को भी एक-एक लाख रुपये दिए हैं.

एसईआर ने एक बयान में कहा कि मृतकों पी विकाश और अजीत कुमार सामल के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई. दोनों ही ओडिशा के राउरकेला के रहने वाले थे. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने झारखंड में मुंबई-हावड़ा मेल के पटरी से उतरने की घटना में राज्य के दो लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया. एसईआर अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने ट्रेन दुर्घटना की जांच का भी आदेश दिया है. चक्रधरपुर के वरिष्ठ डीसीएम (मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक) आदित्य कुमार चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुर्घटना की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त की अध्यक्षता वाली एक टीम द्वारा की जाएगी. उन्होंने बताया, “” सभी यात्रियों को घटनास्थल से निकाल लिया गया है.

एसईआर महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि बचाव कार्य के बाद, अब हम राहत कार्यों और तीनों पटरियों पर रेलगाड़ियों की आवाजाही बहाल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. पटरियों पर रेलगाड़ियों की आवाजाही बहाल करने में 18 से 20 घंटे लगेंगे. उन्होंने बताया कि पटरी से उतरी मालगाड़ी टाटानगर से रायपुर जा रही थी. अधिकारियों ने बताया, “दुर्घटना में जान गंवाने वाले दो यात्री, डिब्बे में शौचालय के पास थे.” प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भयानक थी कि मालगाड़ी से टकराने के बाद यात्री ट्रेन के कुछ डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए.

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (ऑपरेशन) अमोल वी होमकर ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने ‘आमदा चौकी प्रभारी द्वारा दुर्घटना के बारे में अधिकारियों को सूचित किए जाने के तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिसके परिणामस्वरूप बचाव एवं राहत अभियान में तेजी आई.’ उन्होंने बताया कि तड़के करीब चार बजे दुर्घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद आमदा के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.

झारखंड के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार रेलवे को पूरा सहयोग दे रही है. उन्होंने बताया, “इस तरह की बड़ी दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं.” उन्होंने केंद्र से बुलेट ट्रेन के बारे में बात करने के बजाय बुनियादी ढांचे को बढ.ाने का आग्रह किया. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों की मदद करने का निर्देश दिया. उन्होंने रेल दुर्घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की.

रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) के अनुसार बचाव एवं राहत कार्य पूरा कर लिया गया है. एक अधिकारी ने बताया, “अधिकांश यात्रियों को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन भेजा गया और फिर दोपहर सवा 12 बजे चक्रधरपुर से एक विशेष ट्रेन द्वारा उन्हें उनके गंतव्यों के लिए रवाना किया गया.” पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ए मित्तल ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने पार्टी व विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कार्यकर्ताओं से घायलों को पानी और भोजन उपलब्ध कराने के अलावा राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया. प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्यों में पूरा सहयोग दिया.

दुर्घटना के मद्देनजर एसईआर ने मंगलवार को 11 यात्री और एक्सप्रेस ट्रेन रद्द कर दीं, जिनमें 22861 हावड़ा-टिटलागढ.-कांटाबांजी एक्सप्रेस, 08015/18019 खड़गपुर-झारग्राम-धनबाद एक्सप्रेस, 12021/12022 हावड़ा-बारबिल-हावड़ा जन शताब्दी एक्सप्रेस, 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि छह अन्य ट्रेनों की यात्रा या तो गंतव्य स्टेशन से पहले समाप्त कर दी गई है या फिर उनके मार्ग में बदलाव किया गया है. दक्षिण-पूर्व रेलवे ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

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