नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत के मामले में गिरफ्तार स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल (एसयूवी) चालक की दूसरी जमानत याचिका बृहस्पतिवार को मंजूर कर ली. कार्यवाही के दौरान, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने एसयूवी चालक मनुज कथूरिया के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का आरोप वापस लेने का फैसला किया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने कथूरिया को बुधवार को जमानत देने से मजिस्ट्रेट अदालत के इनकार के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की.
न्यायाधीश ने कहा, ”जमानत मंजूर की जाती है.” अदालत के विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है. कथूरिया पर आरोप है कि उनकी ‘फोर्स गोरखा’ कार के पानी से भरी सड़क से गुजरने के कारण पानी कोचिंग सेंटर में घुस गया जिसके बाद तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई. कार्यवाही के दौरान, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने कथूरिया के खिलाफ ‘गैर इरादतन हत्या’ के आरोप को हटाने का फैसला किया है.
जांच अधिकारी (आईओ) ने याचिका के जवाब में कहा, ”विस्तृत जांच में पाया गया है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) आरोपी पर लागू नहीं होती.” जांच अधिकारी ने कहा, ”आईआईटी-दिल्ली की विशेषज्ञ टीम के घटनास्थल का दौरा करने और निरीक्षण के बाद निष्कर्ष प्रस्तुत करने पर इसका बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा. ऐसे में, अब तक आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत मामला बनता है, जिसके लिए अदालत उचित आदेश पारित कर सकती है.”
बुधवार को अपराध को ”गंभीर” बताते हुए मजिस्ट्रेट अदालत ने कथूरिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उनकी याचिका ”फिलहाल अस्वीकार्य” है. कथूरिया को सोमवार को बेसमेंट के चार सह-मालिकों के साथ गिरफ्तार किया गया था. मजिस्ट्रेट अदालत ने रविवार को राऊ आईएएस स्टडी र्सिकल के मालिक अभिषेक गुप्ता और समन्वयक देशपाल सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.