ओलंपिक: अंतिम पंघाल का ओलंपिक अभियान खत्म, रेपेचेज की उम्मीद टूटी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 07 Aug 2024 07:55 PM
ओलंपिक: अंतिम पंघाल का ओलंपिक अभियान खत्म, रेपेचेज की उम्मीद टूटी

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पेरिस. कुश्ती में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद अंतिम पंघाल पेरिस ओलंपिक में बुधवार को महिलाओं के 53 किलोवर्ग में तुर्की की येतगिल जेनिप से 0 .10 से शर्मनाक हार के बाद बाहर हो गई . पदार्पण करने वाली 19 वर्षीय अंतिम की रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक की दौड़ में बने रहने की उम्मीद भी तब टूट गई जब जेनिप क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की एनिका वेंडल से हार गईं. इससे पहले विश्व कप चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता और इस वर्ग में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली अंतिम 101 सेकंड में ही हार गई . पहले विनेश इस भारवर्ग में खेलती थी . तुर्की की पहलवान को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर विजयी घोषित किया गया .

कुश्ती में ‘रेपेचेज’ नियम उन पहलवानों के लिए इस्तेमाल होता है जो प्री क्वार्टर फाइनल या उसके बाद के राउंड में फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों से हार जाते हैं. रेपचेज पहलवानों को हार के बाद भी वापसी करने और कांस्य पदक जीतने का मौका देता है.
अंतिम देश की तीसरी पहलवान बन गई हैं जो खाली हाथ लौटेंगी. निशा दहिया (68 किग्रा) का अभियान सोमवार को समाप्त हो गया जबकि अनुभवी विनेश को 50 किग्रा वर्ग में बुधवार को अपने स्वर्ण पदक मुकाबले से कुछ घंटे पहले वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया.

By Yogesh Kumar Sahu