नयी दिल्ली. कांग्रेस ने रविवार को एकीकृत पेंशन योजना की घोषणा को लेकर केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) में ‘यू’ का मतलब मोदी सरकार का ‘यू-टर्न’ है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि यूपीएस दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों पर हमला प्रतीत होता है.
कांग्रेस का यह कटाक्ष ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत एक जनवरी 2004 के बाद सेवा में शामिल होने वालों के लिए 25 साल की सेवा पर अंतिम 12 महीने के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन की गारंटी को मंजूरी दी थी. नई पेंशन योजना न्यूनतम 10 साल की सेवा पर कम से कम 10 हजार रुपये पेंशन देने की गारंटी देती है.
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को मंजूरी दी गई, जो गारंटीकृत पेंशन का आश्वासन देती है.
सरकार पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ”यूपीएस में ‘यू’ का मतलब मोदी सरकार का ‘यू-टर्न’ है. चार जून के बाद जनता की शक्ति प्रधानमंत्री के सत्ता के अहंकार पर हावी हो गई है.” खरगे ने कहा, ”दीर्घ अवधि के पूंजीगत लाभ/सूचकांककरण के बारे में बजट में कदम वापस लिया, वक्फ विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया, प्रसारण बिल और ‘लेटरल एंट्री’ वापस ली गई.” कांग्रेस प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ”हम जवाबदेही सुनिश्चित करते रहेंगे और 140 करोड़ भारतीयों को इस निरंकुश सरकार से बचाएंगे!” उन्होंने कहा कि इस वैकल्पिक योजना से 23 लाख केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और यदि राज्य सरकारें इस योजना में शामिल होती हैं, तो यह संख्या 90 लाख तक बढ. सकती है.
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि यूपीएस दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों पर हमला प्रतीत होता है. खेड़ा ने कहा, “कई राज्यों में आरक्षित वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों में ऊपरी उम्र सीमा 40 वर्ष है. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में यह सीमा 37 वर्ष है. एकीकृत पेंशन योजना के तहत पूर्ण पेंशन पाने के लिए 25 वर्ष की सेवा करना अनिवार्य है.” उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारी इस सुविधा का लाभ कैसे उठा पाएंगे.
खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “अब सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या वह वंचितों को मिलने वाली ऊपरी उम्र सीमा की सुविधा को समाप्त करना चाहती है या उन्हें पूर्ण पेंशन से वंचित करना चाहती है?” इस बीच ‘प्रोफेशनल्स’ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती अपनी पार्टी से अलग राय रखते नजर आए और कहा कि इस योजना की शुरुआत स्वागतयोग्य है.
चक्रवर्ती ने सोशल मी.डिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत में सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन मूल रूप से कम संख्या वाले कुलीन वर्ग को भुगतान के लिए अधिक संख्या में मौजूद गरीबों पर लगाया गया कर है. इसलिए 2013 में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को सुधारकर एनपीएस बनाया गया था, लेकिन एनपीएस ने सेवानिवृत्त परिवारों के लिए न्यूनतम राशि का आश्वासन नहीं दिया.” उन्होंने कहा, “अब यूपीएस यही करता है कि यूपीएस = एनपीएस + न्यूनतम गारंटी. यह विवेकपूर्ण और स्वागत योग्य है.” हालांकि] चक्रवर्ती का यह ‘एक्स’ अकाउंट सत्यापित नहीं है, लेकिन राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई शीर्ष नेता इसे फॉलो करते हैं.