बहुजन को अधिकार देने वाले संविधान की रक्षा हम करेंगे: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 07 Oct 2024 10:18 PM
बहुजन को अधिकार देने वाले संविधान की रक्षा हम करेंगे: राहुल
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नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में समावेशिता और समानता की जरूरत पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस बहुजन को हिस्सेदारी और अधिकार देने वाले संविधान की रक्षा करेगी. उन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ‘दलित किचन’ के अपने दौरे का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया. इस वीडियो में वह खाना बनाने में मदद करते देखे जा सकते हैं.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”दलित किचन के बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं. जैसा शाहू पटोले जी (दलित किचन से जुड़े) ने कहा, ह्लदलित क्या खाते हैं, कोई नहीं जानता.ह्व वो क्या खाते हैं, कैसे पकाते हैं, और इसका सामाजिक और राजनीतिक महत्व क्या है, इस जिज्ञासा के साथ, मैंने अजय तुकाराम सनदे जी और अंजना तुकाराम सनदे जी के साथ एक दोपहर बिताई.” उनका कहना था, ”कोल्हापुर, महाराष्ट्र में मुझे अपने घर सम्मान के साथ बुलाकर रसोई में हाथ बंटाने का मौका दिया. हमने मिलकर चने के साग की सब्ज.ी ‘हरभऱ्याची भाजी’ और बैंगन के साथ तुवर दाल बनाई.” गांधी ने कहा कि दलित बहुजनों को हिस्सेदारी और अधिकार संविधान देता है, और उस संविधान की रक्षा कांग्रेस करेगी.

उनके मुताबिक, खानपान के प्रति जागरूकता की कमी और इस संस्कृति के दस्तावेजीकरण के महत्व पर चर्चा की गई.
राहुल गांधी ने कहा, ”समाज में सभी की सच्ची समावेशिता और समानता तभी संभव होगी जब हर एक भारतीय दिल में भाईचारे की भावना के साथ प्रयास करे.”

जनगणना में देरी क्यों कर रहे हैं प्रधानमंत्री: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जनगणना में “विलंब” को लेकर सोमवार को सवाल किया और कहा कि जाति आधारित जनगणना के माध्यम से ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में पूरी तरह से सार्थक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “राजनीतिक परिवर्तन और आर्थिक उथल-पुथल के बीच श्रीलंका ने अभी घोषणा की है कि ताजा जनसंख्या एवं आवास जनगणना आज से शुरू होगी. वहां पिछली बार 2012 में जनगणना हुई थी.” उन्होंने कहा, “भारत में इसे लेकर क्या हो रहा है? दशकीय जनगणना 2021 में होनी थी लेकिन अब भी इसके होने के कोई संकेत नहीं हैं.” कांग्रेस नेता ने कहा, “हम अब भी 2011 की जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि इस वजह से 10 करोड़ से अधिक भारतीयों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 यानी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित किया जा रहा है.

उन्होंने सवाल किया कि जनगणना में जाति के प्रश्नों को जोड़ने को लेकर सरकार का क्या विचार है, जैसा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य सभी राजनीतिक दलों द्वारा मांग की जा रही है. रमेश ने कहा , “अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की विस्तृत गणना 1951 से हर 10 साल में होती रही है. अब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य जातियों की भी ऐसी ही विस्तृत गणना की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना के माध्यम से ही शिक्षा और रोजग़ार के क्षेत्र में पूरी तरह से सार्थक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है. रमेश ने कहा, ” ‘नॉन-बायोलॉजिकल’ प्रधानमंत्री जनगणना में देरी क्यों कर रहे हैं, जिसमें जाति आधारित गणना भी होगी?”

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