भारत की विदेश नीति ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सूत्र पर आधारित : जयशंकर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 07 Jun 2022 09:47 PM
भारत की विदेश नीति ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सूत्र पर आधारित : जयशंकर

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नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत की विदेश नीति खुली सोच और व्यवहारिकता पर आधारित ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’’ के सूत्र पर आधारित है तथा जटिल मुद्दों के समाधान के लिये इसमें ‘सबका प्रयास’ के तत्व भी समाहित हैं. ‘मोदी सरकार के आठ वर्ष : विदेशी सम्पर्क में बदलाव’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की कूटनीति अहम आर्थिक मुद्दों एवं ऊर्जा स्रोतों पर प्रभावी क्षेत्रीय ताकतों एवं महत्वपूर्ण शक्तियों पर केंद्रित रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसे खुली सोच और व्यवहारिकता पर आधारित ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सूत्र पर आगे बढ़ाया है.’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि वृह्द जटिल मुद्दों के समाधान के लिये इसमें ‘सबका प्रयास’ का तत्व भी समाहित है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कई कदम विकास के लिये कूटनीति के महत्व को प्रर्दिशत करते हैं जहां विदेशी प्रौद्योगिकी, पूंजी, श्रेष्ठ चलन और गठजोड़ प्रत्यक्ष तौर पर हमारी राष्ट्रीय वृद्धि को गति प्रदान करने से जुड़े हैं. ये हमारे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों एवं पहल के जरिये संभव हुए हैं.’’ विभिन्न देशों के राजनयिकों की मौजूदगी में विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘आप सभी यहां रहते हैं और मुझे विश्वास है कि आपने पिछले आठ वर्षों में भारत में बदलाव की गति को महसूस किया होगा.’’

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस संदर्भ में कोविड महामारी को लेकर देश की प्रतिक्रिया, व्यापक टीकाकरण अभियान के अलावा वित्तीय, डिजिटल एवं संवाद के क्षेत्र में बदलाव आदि का उल्लेख किया. साथ ही आवास, विद्युतीकरण, जल कनेक्शन, रसोई गैस तक पहुंच जैसी सरकार की योजनाओं के प्रभाव का भी उल्लेख किया.

उन्होंने हाल में भारत द्वारा अंतिम रूप दिये गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का भी जिक्र किया और कहा, ‘‘हमारा संदेश दुनिया को सघनता के साथ जोड़ने का है और इसमें स्वभाविक तौर पर अपने लोगों को फायदा पहुंचाना एवं वैश्विक कल्याण, विकास एवं सुरक्षा में भी योगदान देना है.’’ जयशंकर ने कहा कि सम्पर्क बढ़ाने और सहयोग को प्रोत्साहित करने में भारतीय निवेश उल्लेखनीय है, चाहे यह कोविड के दौरान हो या वर्तमान आर्थिक चुनौतियों को लेकर हो. उन्होंने कहा कि भारत ने अपने पड़ोसियों के लिये आगे बढ़कर कम किया है और देश ऐसा करना जारी रखेगा.

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘हमने अपने विस्तारित पड़ोस को लेकर जागरूकता का प्रदर्शन किया है और यह हमारे एक्ट ईस्ट नीति, समग्र दृष्टिकोण, खाड़ी देशों के साथ सम्पर्क और पश्चिम एशिया पहल से प्रर्दिशत होता है.’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘चाहे नेतृत्व का ध्यान देना हो, कूटनीति हो, व्यवहारिक परियोजनाएं हों या साझी गतिविधियां हो.. हर क्षेत्र में हमारा रिकॉर्ड उच्च प्रतिबद्धता वाला रहा है.’’

By Yogesh Kumar Sahu