नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता उदित राज ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि आकाश आनंद को दो बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का राष्ट्रीय समन्वयक बनाना और फिर पार्टी से निकालना इस बात को दर्शाता है कि बसपा का संचालन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि मायावती बिना दबाव के ऐसे ‘आत्मघाती’ कदम नहीं उठातीं. बसपा प्रमुख मायावती ने पिछले दिनों अपने भतीजे को बसपा से निष्कासित कर दिया था.
पूर्व सांसद उदित राज ने संवाददाताओं से कहा, ”आकाश आनंद ने अपने एक भाषण में दर्द बयान किया है कि पार्टी में कुछ वरिष्ठ नेता हैं जो मुश्किल पैदा करते हैं. लगता है उनका इशारा सतीश मिश्रा जी पर ही था.” उन्होंने दावा किया, ”आकाश आनंद को दो बार समन्वयक बनाना और निकालना, यह दर्शाता है कि बसपा, भाजपा से संचालित हो रही है. बिना दबाव मायावती जी ऐसा आत्मघाती कदम नहीं उठातीं.” उदित राज ने कहा, ”आकाश आनंद ने कहा कि कांग्रेस-सपा को आगामी विधान सभा चुनाव में समझौता करना चाहिए नहीं तो जीरो ही रहेंगे. इससे अंदरूनी रूप से भाजपा परेशान हो गई.” उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा का अब ‘भाजपाकरण’ हो गया है.
आकाश आंनद को कांग्रेस में शामिल होना चाहिए: उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने बृहस्पतिवार को कहा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा)से निष्कासित किए गए आकाश आनंद तथा कांशीराम के आंदोलन से जुड़े सभी लोगों को कांग्रेस में शामिल होकर संविधान बचाने की लड़ाई लड़नी चाहिए. उन्होंने यह दावा भी किया कि आकाश आनंद को दो बार बसपा का राष्ट्रीय समन्वयक बनाना और फिर पार्टी से निकालना इस बात को दर्शाता है कि बसपा का संचालन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर रही है. कांग्रेस नेता ने कहा कि मायावती बिना दबाव के ऐसे ‘आत्मघाती’ कदम नहीं उठातीं. बसपा प्रमुख मायावती ने पिछले दिनों अपने भतीजे आकाश को बसपा से निष्कासित कर दिया था.
पूर्व सांसद उदित राज ने संवाददाताओं से कहा, ”आकाश आनंद ने अपने एक भाषण में दर्द बयान किया है कि पार्टी में कुछ वरिष्ठ नेता हैं जो मुश्किल पैदा करते हैं. लगता है उनका इशारा सतीश मिश्रा जी की ओर ही था.” उदित राज ने कहा, ”आकाश आनंद ने कहा कि कांग्रेस-सपा को आगामी विधानसभा चुनाव में समझौता करना चाहिए नहीं तो जीरो ही रहेंगे. इससे अंदरूनी रूप से भाजपा परेशान हो गई.” उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा का अब ‘भाजपाकरण’ हो गया है.
उन्होंने आकाश आनंद को कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव भी दिया. पूर्व सांसद ने कहा, ”मैं आकाश आनंद और कांशीराम जी के आंदोजन से जुड़े सभी लोगों से कहता हूं कि वे कांग्रेस में शामिल हों और देश में संविधान बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनें.” कांशीराम बसपा के संस्थापक थे.