भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा फिसलकर 73,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 22,700 के आसपास बना हुआ है। बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली एनर्जी और आईटी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिल रही है।
सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए शेयर बाजार में मंगलवार को बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से की जा रही बिकवाली भी चर्चा में है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है।
मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के चेयरमेन रामदेव अग्रवाल के मुताबिक बाजार में गिरावट के बावजूद वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले ज्यादा आकर्षक है। 2020 से 2024 तक बाजार में एकतरफा तेजी रही, लेकिन अब निवेशकों को धैर्य रखने की जरूरत है। अर्निंग्स में सुस्ती और ऊंचे वैल्यूएशन के चलते FIIs ने बिकवाली की। FIIs के साथ प्रमोटर्स की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा। बाजार का मौजूदा P/E करीब 18 के आसपास, जो ऐतिहासिक स्तरों के मुकाबले कम है।
बाजार बॉटम के करीब हो सकता है, लेकिन अभी इसे निश्चित बॉटम कहना मुश्किल है। अच्छे समाचारों के बावजूद शेयरों में गिरावट आना बेयर मार्केट का संकेत है। बाजार में गिरावट कब थमेगी, यह कहना मुश्किल है। ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतें, टैक्स और कॉर्पोरेट अर्निंग्स अहम ट्रिगर होंगे। अगले क्वार्टर में कॉर्पोरेट अर्निंग्स में 20–25% ग्रोथ की उम्मीद का जिक्र है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बाजार में अच्छे लार्जकैप शेयरों पर दांव लगाने का मौका है।SBI, ICICI बैंक, HDFC बैंक और Axis बैंक जैसे शेयर 10–13 के P/E पर उपलब्ध हैं। लार्जकैप और फाइनेंशियल सेक्टर में फिलहाल ज्यादा निराशावाद हावी है। कंपनियों की 18–25% ग्रोथ वैल्यूएशन में भी दिखनी चाहिए। लार्जकैप और बैंकिंग शेयरों में आगे टर्नअराउंड की उम्मीद जगी है। रिकवरी कब और कैसे आएगी, यह कहना मुश्किल है।
LTCG टैक्स के नियम बदल सकती है सरकार. बजट से पहले अगले कुछ हफ्तों में फैसला संभव है। अभी ₹1.25 लाख से ज्यादा पर 12.5% टैक्स लगता है। इसके लिए सरकार ने LTCG के मौजूदा नियमों और उसके असर पर कई बैठकें कीं, इंडस्ट्री, SEBI, CBDT, बैंक समेत कई पक्ष शामिल हुए जबकि सरकार FPIs के लिए भारतीय बाजार को आकर्षक बनाने की कोशिश में लगी है। US, ब्रिटेन, सिंगापुर, हांगकांग, UAE में शेयर बेचने पर LTCG नहीं लगता इसलिए 13 Oct को वित्त मंत्री ने LTCG हटाने पर विचार सुनने की बात कही थी।