मुंबई. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार पर मुंबई में धारावी के पुर्निवकास जैसी परियोजनाओं में अदाणी समूह का पक्ष लेने और शहर को आर्थिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया. यहां पार्टी के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने मुंबई के लिए गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक (गिफ्ट) सिटी जैसी सुविधाओं और प्रोत्साहनों की मांग की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महानगर की आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ”गिफ्ट सिटी को दी जाने वाली सब्सिडी और सुविधाएं मुंबई को भी दी जानी चाहिए. भाजपा जानबूझकर मुंबई की आर्थिक स्थिति को कमजोर बना रही है.” राज्य के पूर्व मंत्री ने प्रमुख परियोजनाओं और मुख्यालयों को मुंबई से गुजरात और दिल्ली में स्थानांतरित करने की भाजपा की नीतियों की आलोचना की और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर सवाल उठाया.
उन्होंने कहा, ”कई कंपनियों के मुख्यालय मुंबई से बाहर स्थानांतरित हो गए हैं. इससे शहर को क्या फायदा होगा? झारखंड और वाराणसी में भी लोग पूछते हैं कि नयी परियोजनाएं अन्य राज्यों के बजाय गुजरात में क्यों जा रही हैं.” महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि बृह्नमुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम की बस सेवाओं पर वित्तीय दबाव डालने का जानबूझकर प्रयास किया जा रहा है, जिससे इसके बेड़े की बसों की संख्या 4,000 से घटकर 1,500-2,000 रह गई है.
मुंबई के वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि सार्वजनिक परिवहन सेवा की खराब स्थिति, लोगों को कारपोरेट घरानों द्वारा ”भूमि हड़पने” जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने सरकार पर पुर्निवकास की आड़ में मुंबई में जमीन के बड़े हिस्से को अदाणी समूह को हस्तांतरित करने का भी आरोप लगाया. ठाकरे ने दावा किया कि धारावी पुर्निवकास परियोजना के कारण 1.5 लाख परिवार विस्थापित होंगे, जिन्हें मुंबई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कहा, ”मुंबई दशकों से भारत की अर्थव्यवस्था का मजूबत स्तंभ रही है. हम इसका महत्व नहीं खोने देंगे.”