संभल. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवार की पुताई का काम रविवार सुबह शुरू हो गया. शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में मस्जिद पक्ष के वकील शकील वारसी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “संभल में शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवार की पुताई का काम शुरू हो गया.” इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 मार्च को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को एक सप्ताह के भीतर मस्जिद की पुताई कराने का निर्देश दिया था. उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, एएसआई की एक टीम ने 13 मार्च को मस्जिद की पुताई के लिए जरूरी सामान और श्रमिकों की संख्या का आकलन किया था.
शाही जामा मस्जिद प्रबंध समिति के सचिव मसूद फारूकी ने शनिवार को कहा था कि एएसआई की एक टीम ने दोपहर में मस्जिद आकर इस बारे में चर्चा की कि पुताई के काम में कितने श्रमिकों और सामग्री की जरूरत है. शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवार की पुताई में किन रंगों का इस्तेमाल किया जाएगा, इस बारे में मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जफर अली ने कहा, “हम हरा, सफेद और सुनहरा रंग इस्तेमाल करते हैं. हमने हमेशा इनका इस्तेमाल किया है और हम आगे भी यही करेंगे.” अली ने कहा कि आज मस्जिद की बाहरी दीवार की पुताई में करीब 10 श्रमिक लगाए गए हैं और कल दो से तीन गुना मजदूर काम करेंगे.
उन्होंने बताया, ”उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि एएसआई और मुस्लिम पक्ष मिलकर रंगाई-पुताई कराएंगे, जो हम करा रहे हैं. रंग-रोगन करने वाले सभी श्रमिक एएसआई के लाए हुए हैं. वह खुद भी मौके पर मौजूद रहेंगे.” मस्जिद में ‘भगवा’ रंग से भी पुताई करने की हिंदू पक्ष की कथित मांग के बारे में पूछे जाने पर अली ने कहा, “यह मांग नाजायज और गलत है. मस्जिद में सैकड़ों वर्षों से जिन रंगों से पुताई होती रही है, अब भी उन्हीं से होगी.” ठेकेदार अरमान अली ने कहा, “मस्जिद की रंगाई-पुताई का काम 10 दिन में हो जाएगा. हालांकि, हमारा लक्ष्य एक सप्ताह का है.”
उन्होंने यह भी कहा कि केवल बाहरी हिस्से की पुताई करनी है और आज (रविवार को) 9-10 लोग काम कर रहे हैं. पिछले साल 24 नवंबर को मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और पुलिस र्किमयों सहित कई लोग घायल हो गए थे.