कांग्रेस अपने नेताओं को ‘कानून से ऊपर’ मानती है: भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 14 Jun 2022 06:20 PM
कांग्रेस अपने नेताओं को ‘कानून से ऊपर’ मानती है: भाजपा

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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि धन शोधन के एक मामले में राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस नेताओं द्वारा सड़कों पर अवरोध उत्पन्न किया जाना दर्शाता है कि प्रमुख विपक्षी दल अपने नेताओं को ‘‘कानून से ऊपर’’ मानता है.

‘‘नेशनल हेराल्ड’’ समाचार पत्र से जुड़े कथित धनशोधन के एक मामले में ईडी के अधिकारियों ने मंगलवार को राहुल गांधी से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की. इसके विरोध में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से लगे इलाके में धारा 144 लागू कर रखी है.

कांग्रेस के इस प्रदर्शन को ‘‘ड्रामा’’ करार देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘‘जब भ्रष्टाचार के एक मामले में कानून सम्मत कार्रवाई की जा रही है, तो कांग्रेस यह ड्रामा कर रही है और सड़कों पर अवरोध पैदा कर रही है…यह दर्शाता है कि पार्टी अपने नेताओं को कानून से ऊपर मानती है.’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चूंकि कानून अपना काम कर रहा है इसलिए कांग्रेस कुंठित है.

उन्होंने कहा, ‘‘गांधी परिवार को लगता है कि हम इस देश सर्वोच्च परिवार हैं. हमें कोई कैसे बुला सकता है. गांधी परिवार को ये समझना होगा कि वो राजा नहीं हैं, सिर्फ देश के नागरिक हैं. उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से सीख लेनी चाहिए जो खुद को देश का प्रधान सेवक मानते हैं.’’ भाजपा के ही एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन करे और अगर मामला भ्रष्टाचार और धन शोधन जैसे संगीन आरोपों की जांच से जुड़ा हो तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन छुपाने को लगता है कि गांधी परिवार के पास बहुत कुछ है. सत्य के साथ वे चल नहीं सकते, क्योंकि उनके कदम लड़खड़ाने लगते हैं. इसलिए जांच एजेंसी पर इस प्रकार से दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब जांच एजेंसियां ईमानदारी, निर्भीकता और पूरी पारर्दिशता से अपना काम कर रही हैं तो गांधी परिवार… जो सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी परिवार है… उसको कष्ट हो रहा है. अगर एक भ्रष्टाचारी परिवार को कष्ट हो और लोकतंत्र मजबूत हो तो यह कष्ट अच्छा है.’’

By Yogesh Kumar Sahu