नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोके जाने के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उन्होंने भारत के सम्मान से समझौता कर लिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान की बात पर भरोसा क्यों किया? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पिछले दिनों दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधन के अंश का वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया, जिसमें मोदी ने कहा है कि सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) स्तर पर संवाद के दौरान पाकिस्तान ने भरोसा दिलाया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, जिसके बाद भारत ने भी उसकी बात पर विचार किया.
राहुल गांधी ने कहा, ”मोदी जी, खोखले भाषण देना बंद कीजिए. सिर्फ इतना बताइए कि आतंकवाद पर आपने पाकिस्तान की बात पर भरोसा क्यों किया, ट्रंप के सामने झुककर आपने भारत के हितों की कुर्बानी क्यों दी और आपका ख़ून सिर्फ कैमरों के सामने ही क्यों गरम होता है?” उन्होंने आरोप लगाया, ”आपने (प्रधानमंत्री) भारत के सम्मान से समझौता कर लिया.”
राहुल शनिवार को जा सकते हैं पुंछ, पाकिस्तानी गोलाबारी से प्रभावित परिवारों से मिलेंगे
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ का दौरा कर सकते हैं जहां वह पाकिस्तान की गोलाबारी एवं ड्रोन हमलों से प्रभावित परिवारों और पीड़ितों से मुलाकात करेंगे. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया, ”राहुल गांधी का 24 मई को पुंछ पहुंचने का कार्यक्रम है. वह पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिजनों और अन्य प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे.” भारत-पाकिस्तान के बीच आठ से 10 मई तक सैन्य संघर्ष के दौरान पुंछ समेत जम्मू क्षेत्र में भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले हुए, जिनमें 27 लोग मारे गए और 70 लोग घायल हो गए.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद 25 अप्रैल को कश्मीर का दौरा किया था. उन्होंने हमले में घायल हुए कुछ लोगों का हाल जाना था और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर इस आतंकी हमले के बारे में चर्चा की थी. उन्होंने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के पीछे का मंसूबा देशवासियों के बीच खाई पैदा करने और एक भाई को दूसरे भाई से लड़ाने का था. उन्होंने कहा था कि ऐसे में जरूरी है कि आतंकवाद को पराजित करने के लिए सभी एकजुट हों.