जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बुधवार को घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना के जवानों ने भारी हथियारों से लैस दो आतंकवादियों को मार गिराया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि मुठभेड़ में मारे गये ये दोनों आतंकवादी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे. इस मुठभेड़ से दो दिन पहले सुरक्षाबलों ने पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को श्रीनगर के एक जंगल में मार गिराया था. पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने हमला कर पर्यटकों को निशाना बनाया था.
सेना ने बताया कि बुधवार को ‘शिवशक्ति’ नाम से चलाया गया अभियान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों के मंसूबों के लिए एक बड़ा झटका है. सेना के मुताबिक, ये संगठन जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकवादी गतिविधियों को बढ.ावा दे रहे हैं. रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया, “एक समन्वित आतंकवाद-रोधी अभियान में भारतीय सेना के जवानों ने 30 जुलाई को तड़के पुंछ सेक्टर में ‘ऑपरेशन शिवशक्ति’ शुरू किया. यह अभियान जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सैन्य और नागरिक खुफिया इकाइयों द्वारा क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में प्राप्त विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं पर आधारित था.”
उन्होंने बताया, “सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने संभावित घुसपैठ मार्गों पर घात लगाई. नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये और बड़ी मात्रा में युद्ध-सामग्री बरामद की गई.” प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों की त्वरित, समन्वित और निर्णायक कार्रवाई ने किसी भी तरह के नुकसान को रोका तथा स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित की. उन्होंने बताया कि बरामद की गयी युद्ध-संबंधी सामग्री में गोला-बारूद के साथ-साथ दो असॉल्ट राइफल, एक पिस्तौल, हथगोले, दो आईआईडी, दवाइयां, संचार उपकरण और अन्य रसद भंडार शामिल हैं.
प्रवक्ता ने बताया कि युद्ध-संबंधी और रसद भंडारों की भारी बरामदगी से संकेत मिला कि आतंकवादी लंबी मुठभेड़ के लिए पूरी तरह तैयार थे. सेना ने बताया, “यह अभियान क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से उच्च स्तर के तालमेल, समन्वय व प्रतिबद्धता को दर्शाता है. अन्य आतंकवादियों की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है.”
अधिकारियों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की संभावित कोशिशों की सूचना मिलने के बाद घात लगाये जवानों ने 29 और 30 जुलाई की दरमियानी रात देगवार सेक्टर के मालदीवलन इलाके में आतंकवादियों की गतिविधि देखी. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला करने वाले दल पर गोलीबारी शुरू की और कई घंटों तक चली मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए. अधिकारियों ने बताया कि सुबह होते ही तलाशी अभियान शुरू किया गया और मुठभेड़ में दोनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई.