राज्यसभा में जयशंकर ने राहुल गांधी पर किया परोक्ष हमला, ‘चाइना गुरू’ करार दिया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 30 Jul 2025 09:17 PM
राज्यसभा में जयशंकर ने राहुल गांधी पर किया परोक्ष हमला, ‘चाइना गुरू’ करार दिया
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नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष हमला करते हुए बुधवार को उन्हें ”चाइना गुरू” करार दिया और आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने चीन पर अपनी जानकारी 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भाग लेकर और चीनी राजदूत से ”निजी ट्यूशन” लेकर हासिल की.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में ”पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा” में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उन्होंने ”चाइना गुरुओं” की तरह चीन की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कोई गोपनीय बैठकें या समझौते नहीं किए. उन्होंने कहा कि अपनी चीन यात्रा के दौरान उन्होंने आतंकवाद, तनाव कम करने और व्यापार पर लगे प्रतिबंधों सहित आपसी हितों पर चर्चा की थी.

राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में विशेष आमंत्रित के तौर पर भाग लिया था. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच सहयोग 1960 के दशक में शुरू हुआ था लेकिन पिछली सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. मंत्री ने कहा कि कुछ लोग चीन-पाकिस्तान संबंध की बात कर रहे हैं, जिनका आरोप है कि वह चीन के मामले में पर्याप्त काम नहीं कर रहे हैं, जबकि उन्होंने विदेश सेवा में 41 साल बिताए हैं और चीन में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय राजदूत हैं.

जयशंकर ने कहा, ”कुछ चाइना-गुरु आजकल चीन पर ज्ञान बांटते हैं. एक साहब तो मेरे सामने ही बैठे हैं, जिन्हें चीन से इतना प्रेम था कि उन्होंने भारत और चीन के बीच ‘चिंडिया’ जैसा कोई सौदा कर डाला. चीन के लिए बहुत प्रेम है.” उन्होंने कहा ”उनके अलावा, एक और ‘चीन गुरु’ हैं. चीन के मामले में मेरी ओर से कुछ कमियाँ रही होंगी, क्योंकि मुझे चीन ओलंपिक में जाकर चीनी ज्ञान नहीं मिला, क्योंकि मुझे आमंत्रित नहीं किया गया था और मैं कोई विशेष व्यक्ति नहीं था. कुछ लोगों को ओलंपिक में जाकर चीन का ज्ञान मिला. लेकिन, वे वहाँ किससे मिले? वे सिफ.र् चीनियों से ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों से भी मिले.” जयशंकर ने ‘चिंडिया’ शब्द का संदर्भ कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा गढ़े गए एक मुहावरे को लेकर दिया, जिन्होंने कहा था, ”चिंडिया अभी भी एक जीवंत विचार है.” विदेश मंत्री ने कहा ”लेकिन, जब आप ओलंपिक कक्षाओं में जाते हैं, तो कुछ चीज.ें छूट जाती हैं और फिर चीनी राजदूत को घर बुलाकर उनसे निजी ट्यूशन लेनी पड़ती है.”

जयशंकर ने कहा, ”ये ‘चाइना गुरू’ कहते हैं कि चीन और पाकिस्तान बहुत करीब आ गए हैं, जो हकीकत है. वे एक साथ इसलिए आ गए क्योंकि बीच में हमने पीओके को छोड़ दिया.” उन्होंने कहा ”यह कह कर, कि वह चेतावनी दे रहे हैं… क्या आप इतिहास की कक्षा में सो रहे थे? यह सहयोग और रणनीतिक साझेदारी संप्रग शासन के दौरान बढ़ी, जब चीनी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया.” राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष की बातों का ज.क्रि करते हुए जयशंकर ने कहा कि पिछले 20 सालों में समुद्री क्षेत्र में भारत को सबसे बड़ा नुकसान श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन के कब्ज.े से हुआ, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. ”उल्टे यह कहा गया कि यह चिंता की बात नहीं है.”

उन्होंने ज.ोर देकर कहा, ”चाइना गुरू हमें चीन पर उपदेश देते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह सब उनके ज.माने में हुआ था.” अपनी हालिया चीन यात्रा का ज.क्रि करते हुए जयशंकर ने कहा, ”चीन यात्रा के दौरान, मैंने जो कुछ भी किया और जिस पर चर्चा की, वह सार्वजनिक रूप से जाहिर थी. यह स्पष्ट था, मैंने आतंकवाद पर चर्चा की, मैंने तनाव कम करने पर चर्चा की और मैंने चीन द्वारा लगाए गए व्यापार प्रतिबंधों पर भी चर्चा की.” जयशंकर ने कहा ”मैंने स्पष्ट कर दिया कि चीन के साथ संबंध केवल तीन परस्पर हितों – पारस्परिक हित, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक सम्मान – पर ही विकसित होंगे.” उन्होंने कहा ”कुछ अन्य लोगों के विपरीत, मैंने कोई गुप्त बैठक नहीं की, मैंने कोई गुप्त सौदे नहीं किए. ऐसा केवल ‘ओलंपिक लोग’ ही करते हैं, केवल चाइना-गुरु ही ऐसी बातें करते हैं, सामान्य लोग नहीं.” विपक्ष ने जयशंकर पर चीन के बारे में पर्याप्त बात न करने और चीनी सेना द्वारा सीमा पर अतिक्रमण के बावजूद उसके प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है.

भाजपा सांसद दुबे ने राहुल पर 1971 के युद्ध के तथ्यों को गलत तरह से रखने का आरोप लगाया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के युद्ध में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कदमों का जिक्र करते हुए ‘तोड़-मरोड़कर और गलत तथ्यों’ को पेश किया.

दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि सदन में विपक्ष के नेता की उनकी ‘आदतन लापरवाही’ के लिए निंदा की जानी चाहिए. सूत्रों ने बताया कि बिरला को लिखे एक पत्र में दुबे ने उनसे राहुल गांधी को उनके ‘शंका पैदा करने वाले बयानों’ के लिए ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने का अनुरोध किया. साथ ही, भाजपा सांसद ने सदन में इस मुद्दे को उठाने के लिए अध्यक्ष से अनुमति भी मांगी.

राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी द्वारा दिखाए गए साहस का 50 प्रतिशत भी साहस है, तो उन्हें संसद में स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठा दावा कर रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की थी.
राहुल ने कहा था कि उनकी दादी इंदिरा गांधी ने सशस्त्र बलों को पूरी तरह से आजादी दी थी, जबकि मोदी सरकार ने ‘उनके हाथ बांध दिए हैं’.

पलटवार करते हुए, दुबे ने 5 दिसंबर, 1971 को तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को लिखे गए एक पत्र का हवाला दिया और दावा किया ”इंदिरा गांधी ने सचमुच उनसे पाकिस्तान के साथ युद्ध रोकने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की गुहार लगायी थी.” भाजपा सांसद ने अध्यक्ष को सौंपे गए अपने ज्ञापन में उस पत्र की प्रति भी संलग्न की है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘भलीभांति अभिलेखित ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता के विश्वास को बेशर्मी से तोड़ा है’ और अपने परिवार और पार्टी का महिमामंडन करने की उनकी ‘आदत’ बन गई है. दुबे ने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने यहां तक कह दिया कि इंदिरा गांधी ने अमेरिका के कूटनीतिक, राजनीतिक और कई अन्य रणनीतिक दबावों के बावजूद बहादुरी से युद्ध लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ. भाजपा सदस्य ने कहा कि वह यहीं नहीं रुके और ‘चालाकी’ से इसे ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर वर्तमान सरकार को भी घेरने का प्रयास किया.

उन्होंने आरोप लगाया, ”राहुल गांधी अब अफवाह फैलाने और अड़ियल व्यवहार के अवतार बन गए हैं.” उन्होंने उन पर न केवल सदन में, बल्कि विभिन्न अदालतों में भी ‘लगातार असत्य’ बोलने और ‘ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने’ का आरोप लगाया.
दुबे ने कहा, ”यह हमारे सदन और हमारे जीवंत लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है कि राहुल गांधी ने तोड़-मरोड़ कर और गलत तथ्य पेश करके विपक्ष के नेता के प्रतिष्ठित पद की गरिमा को गिराया है.” उन्होंने कहा कि यह लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशों का सीधा उल्लंघन है.

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