तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने राजग से नाता तोड़ा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 31 Jul 2025 08:17 PM
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने राजग से नाता तोड़ा
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चेन्नई. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के नेतृत्व वाली ‘एआईएडीएमके कैडर राइट्स रिट्रीवल कमेटी’ ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ लिया. समिति के सलाहकार और वरिष्ठ नेता पी एस रामचंद्रन ने इस फैसले की घोषणा की.

रामचंद्रन ने समिति प्रमुख पनीरसेल्वम और अन्य नेताओं की मौजूदगी में संवाददाताओं से कहा, ”अब से समिति राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा नहीं रहेगी.” उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि राजग से अलग होने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया. रामचंद्रन ने कहा कि समिति की ओर से इसके प्रमुख पनीरसेल्वम जल्द ही राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा शुरू करेंगे और भविष्य में गठबंधन से संबंधित फैसले राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार किए जाएंगे.

राजग से अलग होने का कारण पूछे जाने पर रामचंद्रन ने कहा कि इसका कारण सबको ज्ञात है और उसे बताने की आवश्यकता नहीं है.
उन्होंने भरोसा जताया कि “भविष्य में जनता को सही दिशा में ले जाने वाला एक उपयुक्त गठबंधन सामने आएगा.” यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ने पनीरसेल्वम की अगुवाई वाली समिति के साथ विश्वासघात किया है, रामचंद्रन ने कहा कि उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि भाजपा ने समिति के साथ क्या किया क्योंकि देश को इसकी जानकारी है.

एक सवाल के जवाब में पनीरसेल्वम ने कहा कि यहां सुबह की सैर के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन मिल गए और अभिवादन करने के बाद वह आगे बढ़ गए. राजग से उनके अलग होने की अटकलें तब और तेज हो गईं जब पनीरसेल्वम ने 29 जुलाई को केंद्र सरकार की ‘समग्र शिक्षा’ निधि तमिलनाडु को जारी नहीं करने के लिए उसकी कड़ी आलोचना की थी. पनीरसेल्वम 26 और 27 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तमिलनाडु यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की कोशिश कर रहे थे लेकिन यह नहीं हो सका.

‘ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम’ (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने 26 जुलाई की रात तिरुचिरापल्ली हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. वहीं, अमित शाह की हालिया तमिलनाडु यात्रा के दौरान भी पनीरसेल्वम को आमंत्रित नहीं किया गया था. पनीरसेल्वम ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए राजग के साथ गठबंधन किया था. उस समय अन्नाद्रमुक भाजपा गठबंधन का हिस्सा नहीं थी क्योंकि उसने सितंबर 2023 में राजग से नाता तोड़ लिया था. इस साल अप्रैल में अन्नाद्रमुक ने फिर से भाजपा से संबंध बहाल कर लिए.

अन्नाद्रमुक से 11 जुलाई 2022 को निष्कासित किए गए पनीरसेल्वम अब भी पार्टी में पलानीस्वामी के नेतृत्व को चुनौती देते रहे हैं. उनके और उनके समर्थकों द्वारा सुलह की कोशिशें अब तक सफल नहीं हुई हैं. पनीरसेल्वम अब भी खुद को “अन्नाद्रमुक का व्यक्ति” बताते हैं और उन्होंने अलग राजनीतिक दल बनाने की संभावना से इनकार किया था. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी यह स्पष्ट किया था कि वह अपने सहयोगी अन्नाद्रमुक के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.

हाल ही में ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि भाजपा द्वारा उन्हें पर्याप्त महत्व न देने के कारण पनीरसेल्वम अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम के साथ 2026 विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन कर सकते हैं. हालांकि, बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में रामचंद्रन ने इससे जुड़े सवाल का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया.

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