पिक्सल नीत समूह भारत का पहला वाणिज्यिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह तंत्र स्थापित करेगा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 12 Aug 2025 08:27 PM
पिक्सल नीत समूह भारत का पहला वाणिज्यिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह तंत्र स्थापित करेगा
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नयी दिल्ली. बेंगलुरु स्थित पिक्सलस्पेस नीत कंपनियों के एक समूह ने भारत के पहले पूर्णत? स्वदेशी वाणिज्यिक पृथ्वी अवलोकन (ईओ) उपग्रह तंत्र का निर्माण और संचालन के लिए बोली जीत ली है. भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इन-स्पेस के मुताबिक पिक्सलस्पेस नीत समूह में पियर्साइट स्पेस, सैटस्योर एनालिटिक्स इंडिया और ध्रुव स्पेस शामिल हैं. उसने बताया कि यह चारों कंपनियां अगले पांच सालों में पैनक्रोमैटिक, मल्टीस्पेक्ट्रल, हाइपरस्पेक्ट्रल और माइक्रोवेव एसएआर संवेदी से लैस 12 पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के समूह को कक्षा में स्थापित करेंगी.

पिक्सल नीत टीम ने एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स लिमिटेड और गैलेक्सआई स्पेस के नेतृत्व वाले समूह को पछाड़कर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (ईओ-पीपीपी) के आधार पर पृथ्वी अवलोकन उपग्रह तंत्र स्थापित करने की बोली जीती. कक्षा में स्थापित किये जाने वाले 12 उपग्रहों का यह तंत्र जलवायु परिवर्तन निगरानी, आपदा प्रबंधन, कृषि, बुनियादी ढांचे, समुद्री निगरानी, राष्ट्रीय सुरक्षा और शहरी नियोजन में इस्तेमाल विश्लेषण के लिए तैयार डेटा (एआरडी) और मूल्य र्विधत सेवाएं (वीएएस) प्रदान करेगा, साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली भू-स्थानिक खुफिया जानकारी की वैश्विक मांग को भी पूरा करेगा.

इन-स्पेस के अध्यक्ष पवन गोयनका ने बताया, ”यह पहल अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के परिपक्व होने का संकेत देती है. यह भारतीय कंपनियों की बड़े पैमाने पर, तकनीकी रूप से उन्नत और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य अंतरिक्ष मिशनों का नेतृत्व करने की क्षमता और आत्मविश्वास को प्रर्दिशत करता है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करते हैं.” उन्होंने कहा कि ‘हाई-रिजॉल्यूशन’, स्वदेशी उपग्रह डेटा एकत्र करके, यह पहल विदेशी स्रोतों पर भारत की निर्भरता को काफी कम कर देगी, डेटा संप्रभुता सुनिश्चित करेगी और देश को अंतरिक्ष-आधारित डेटा समाधानों में विश्व के अग्रणी देशों में स्थान दिलाएगी.

पीपीपी ढांचे के तहत, सरकार रणनीतिक, तकनीकी और नीतिगत सहायता प्रदान करेगी, जबकि पिक्सलस्पेस इंडिया के नेतृत्व वाला समूह ईओ प्रणाली का स्वामित्व और संचालन करेगा, जिसमें उपग्रह निर्माण, भारतीय धरती से प्रक्षेपण, जमीनी बुनियादी ढांचा और डेटा सेवाओं का व्यावसायीकरण शामिल है. पिक्सल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवैस अहमद ने कहा, ” भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम (ईओ) के निर्माण के लिए प्रस्ताव हासिल करना, भारत की अंतरिक्ष यात्रा में पिक्सल और हमारे समूह के सदस्यों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. इस ऐतिहासिक मिशन के लिए हमारे समूह पर भरोसा करने के लिए हम इन-स्पेस और भारत सरकार के आभारी हैं.”

इन स्पेस में तकनीकी निदेशालय के निदेशक राजीव ज्योति ने कहा, ”यह परियोजना भारत के अपने स्वतंत्र और भविष्य के लिए तैयार भू-स्थानिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से संबधित है. यह भारत के लिए ‘हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल और रडार डेटा में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भरता) की ओर ले जाएगा, नवाचार को उत्प्रेरित करेगा, हजारों उच्च-कौशल वाली नौकरियां पैदा करेगा और 2022 में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर से 2033 तक 44 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के हमारे लक्ष्य में सीधे योगदान देगा.”

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